बयानबाजी पर उखड़ी एसोसिएशन

दिव्य हिमाचल ब्यूरो, बिलासपुर

प्रदेश मेडिकल आफिसर्ज एसोसिएशन की बिलासपुर इकाई ने अस्पताल में नर्स द्वारा डाक्टर पर उत्पीड़न का आरोप लगाने के मामले को लेकर अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष की बयानबाजी पर कड़ा ऐतराज जताया है। एसोसिएशन ने कर्मचारी नेता को बेतुके बयान देने से परहेज करने की सलाह दी है। एसोसिएशन के महासचिव डा. कमल कुमार और सहसचिव डा. अनुपम ने कहा कि महासंघ नेता को चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की अल्पकालिक बैठक पर हद से ज्यादा बयानबाजी करने से पहले यह मालूम होना चाहिए कि आरोप लगाने वाली नर्स भी बैठक में मौजूद रहीं। उन्होंने महासंघ की बैठक करने वाले कर्मियों की तनख्वाह काटने की मांग को निराधार करार दिया। एसोसिएशन पदाधिकारियों के अनुसार बैठक के दिन ओपीडी में चिकित्सक मौजूद थे और मरीजों का उपचार कर रहे थे और तो और ओपीडी बंद होने के बाद भी डाक्टर मरीजों का उपचार करते हैं, ताकि कोई भी मरीज बिना स्वास्थ्य जांच करवाए लौट न जाए। उन्होंने कहा कि महासंघ की इस प्रकार की बयानबाजी के बाद डाक्टर अपनी ड्यूटी का समय पूरा होने के बाद सेवाएं देने से भी परहेज करने लगेंगे। उन्होंने कहा कि डाक्टर के खिलाफ साजिश हुई है। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि जिस प्रकार से कर्मचारी नेता इस प्रकरण पर बेवजह आए दिन अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं, उससे तो यही लगता है कि ये कर्मचारी नेता चिकित्सक के खिलाफ रची गई साजिश में शामिल हैं। उधर, जिला अस्पताल में घटित यौन उत्पीड़न मामले पर जिला पुलिस प्रमुख कपिल शर्मा ने स्पष्ट किया है कि इस मामले की जांच एएसपी भगत सिंह ठाकुर को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि पीडि़त नर्स ने महिला विंग की अपेक्षा किसी अन्य पुलिस अधिकारी से मामले की जांच करवाने की मांग की थी। इस पर मामला एएसपी को सौंपा है। े।

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