बरसाती जख्मों पर सिर्फ चार करोड़ का मरहम

मस्तराम डलैल, धर्मशाला

जिला के 40 करोड़ के जख्मों पर सरकार ने चार करोड़ का मरहम लगाया है। यह आंकड़ा इस साल के बरसाती नुकसान तथा इसकी एवज में दी गई राहत राशि का है। शनिवार को प्रशासन ने जिला कांगड़ा में 28 अगस्त तक बारिश व बाढ़ से हुए नुकसान की रिपोर्ट हिमाचल सरकार को भेजी है। इसके तहत बरसात के इस मौसम ने कांगड़ा जिला को 39 करोड़ 70 लाख की चपत लगाई है। इस बरसात के नुकसान की भरपाई के लिए हिमाचल सरकार ने तीन करोड़ 96 लाख की राशि जारी की है। खबर की पुष्टि करते हुए उपायुक्त कांगड़ा ने बताया कि प्रदेश सरकार से प्राप्त  रिलीफ फंड की राशि जिला में दी जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा 26 करोड़ का नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। देहरा मंडल में आईपीएच को डेढ़ करोड़ की क्षति हुई है। कृषि विभाग को एक करोड़ के करीब का नुकसान हुआ है। विद्युत विभाग को दो लाख के करीब बरसात ने चपत लगाई है। नेशनल हाई-वे के सड़क मार्गों तथा पुलों को बरसाती मौसम में पांच करोड़ की क्षति हुई है।

प्रशासन द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार जवाली उपमंडल में 54 लाख, नूरपुर उपमंडल में 70 लाख, कांगड़ा उपमंडल में एक करोड़ पांच लाख तथा देहरा उपमंडल में 42 लाख का नुकसान आंका गया है। धर्मशाला, बैजनाथ, थुरल तथा इंदौरा में तीन करोड़ के करीब बरसाती मौसम से क्षति हुई है। रिपोर्ट के अनुसार चार करोड़ के करीब निजी मकानों व अन्य निजी संपत्तियों का नुकसान हुआ है। सरकारी भवनों को 50 लाख से अधिक की चपत लगी है। सड़क मार्गों तथा आईपीएच को 32 करोड़ से अधिक का नुकसान  हुआ है। अलबत्ता 40 करोड़ की इस भरपाई के मिले लिए चार करोड़ में गुजारा कर पाना मुशिकल है। उल्लेखनीय है कि जिला में सर्पदंश से बरसात के मौसम में मृतकों की संख्या 20 से अधिक दर्ज हो चुकी है। इसके अलावा सड़क हादसों तथा दुर्घटना से मौतों के बाद दिए जाने वाले मुआवजे से भी जिला के रिलीफ फंड को चपत लगती है। ऐसे में बरसात के इस मौसम में हुई 40 करोड़ की क्षति की भरपाई कर पाना मुश्किल है। खासकर किसानों की खेती को पहले सूखा निगल गया और अब बेरहम बरसात की बौछारों ने तहस-नहस कर दिया।

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