बांग्लादेश में वेश्यावृत्ति को मान्यता

बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने कहा है कि नए बनने वाले मतदाता पहचानपत्र में वेश्यावृत्ति को एक व्यवसाय के रूप में दर्ज किया जाएगा। इसके लिए अभियान चलाने वाले समूहों और संगठनों ने चुनाव आयोग की इस पहल का स्वागत किया है।

उनका कहना है कि दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों पर यौनकर्मियों को जिन परेशानियों का सामना करना पड़ता था, उनमें अब कमी आएगी। दुनिया के अन्य देशों की तरह बांग्लादेश में भी यौनकर्मियों को सालों से अपमान और अकेलेपन का सामना करना पड़ता है। उनकी स्थिति में सुधार के लिए काम करने वाले संगठनों का कहना है कि पुलिस और उनके ग्राहक उनसे मारपीट करते हैं और अपमानित करते हैं। उनका कहना है कि यौनकर्मियों को कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है, इसलिए समाज में उन्हें अधिकार और सम्मान देने की जरूरत है। चुनाव आयुक्त शेखावत हुसैन ने कहा कि यौनकर्मी मतदाता पहचानपत्र में वेश्यावृत्ति को पेशे के रूप में दर्ज करा सकती हैं। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार संगठनों की सलाह पर आयोग ने इसे एक पेशे के रूप में दर्ज करने का फैसला किया है। मतदाता पहचानपत्रों के लिए केवल 25 तरह के कामों को मान्याता दी गई थी, लेकिन अब इसमें पत्रकार, पुजारी और मानवाधिकार कार्यकर्ता जैसे पेशे को भी जोड़ने का फैसला किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ये सूचनाएं कार्ड पर नहीं, बल्कि उनमें लगे ‘बार कोड’ में दर्ज होंगी, जो कि एक डाटाबेस से जुड़ा होगा।

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