बागानों में सड़ रहा सेब

उपमंडल संवाददाता, बंजार

उपमंडल में इस वर्ष सेब की बंपर फसल ने कई सालों का रिकार्ड तोड़ दिया है, परंतु मौसम के बिगड़ने पर बागबान अपने सेबों का तुड़ान-ढुलान करने में असमर्थ दिख रहे हैं। कुछ लोगों ने रोग से बचने के लिए सेबों के ऊपर स्प्रे की है। लगातार बारिश के कारण बागबानों की सारी मेहनत पर पानी फिर गया है। इन दिनों सेब का तुड़ान बड़े जोरों से चल रहा था, परंतु बारिश होने के कारण सेब तुड़ान बीच में ही रोकना पड़ा। बागबान न तो बारिश के कारण तुड़ान कर पा रहे हैं और न ही फसल की ढुलाई कर पा रहे हैं। वे अपनी नकदी फसलों को मंडियों तक ले जाने में असमर्थ हो गए हैं। वैसे तो कुछ क्षेत्रों  में वर्षा का पानी सेब के रंग व आकार के लिए काफी उपयोग भी माना जा रहा है। ज्यादा बारिश भी सेब के रंग के लिए हानिकारक भी है, जो सेब को काला कर देता है।

दागदार सेबों का दाम भी बहुत कम होता है, जिसके चलते बागबानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। वहीं अधिक वर्षा के चलते उपमंडल के बागानों में पेड़ पर लदे हुए सेब काले पड़ने लगे हैं।

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