बाबरी विध्वंस मामले में 24 और पर आरोप तय

लखनऊ। अयोध्या में छह दिसंबर, 1992  को विवादित ढांचा ध्वस्त किए जाने के 24 आरोपियों के विरुद्ध केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई)  की विशेष अदालत ने मंगलवार को आरोप निर्धारित किए।  विशेष न्यायाधीश वीरेंद्र त्यागी ने सीबीआई और आरोपियों की दलीलें सुनने के बाद आरोप निर्धारित किए। सीबीआई अदालत ने मंगलवार को  लगभग 17 साल पुराने मामले में अपराध संख्या 197/92 में पहली बार विवादित ढांचा गिराने के मामले को लेकर आरोप तय किए हैं। आचार्य धर्मेंद्र देव के अलावा पवन पांडे, सच्चिदानंद हरि साक्षी महाराज, समाजवादी पार्टी के सांसद ब्रज भूषण शरण सिंह, जय भगवान गोयल, राम चंद्र खत्री, सुधीर कक्कड़, अमरनाथ गोयल, संतोष दुबे, प्रकाश शर्मा, जयभान सिंह पवैया, धर्मेंद्र सिंह गुर्जर, विनय कुमार राय, भाजपा विधायक लल्लू सिंह, रामजी गुप्ता, ओम प्रकाश पांडे, कमलेश त्रिपाठी, गांधी यादव, हरगोविंद सिंह, विजय बहादुर सिंह, नवीन भाई शुक्ला, रमेश प्रताप सिंह और रविंद्रनाथ श्रीवास्तव के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं।  आरोप तय होने के बाद अब इन आरोपियों पर विधिवत मुकदमा चलेगा। आरोप निर्धारित होने के समय सीबीआई अदालत में अयोध्या के विधायक लल्लू सिंह, बजरंग दल के पूर्व अध्यक्ष जय भान सिंह पवैया, संतोष दुबे, विश्व हिंदू परिषद के आचार्य धर्मेंद्र देव, तत्कालीन भाजपा और अब समाजवादी पार्टी सांसद ब्रज भूषण शरण सिंह, पूर्व विधायक पवन पांडे समेत सभी 23 अभियुक्त मौजूद थे। विवादित ढांचा गिराने के मुकदमेे 197/92 में 49 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था, जिसमें सर्वश्री लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह समेत 21 लोगों को मुकदमे से अलग कर दिया गया। बचे 28 अभियुक्तों में चार की मृत्यु हो गई। मंगलवार को 24 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय होने थे, लेकिन लक्ष्मी नारायण अदालत में उपस्थित नहीं हुए।

You might also like