बिलासपुर के सुरेंद्र कुमार को शौर्य चक्र

अश्वनी पंडित, बिलासपुर। जे एंड के में दुश्मनों से लोहा लेते हुए वीरगति पाने वाले बिलासपुर के रणबांकुरे को केंद्र सरकार ने शौर्य चक्र से नवाजा है। बीती 13 जनवरी को कुपवाड़ा में आतंकी हमले को नाकाम बनाने निकले इस जोशीले जवान ने तीन दुश्मनों को मौत के घाट उतारने के बाद शहादत का जाम पिया था। बिलासपुर के जांगला निवासी सुरेंद्र कुमार मरणोपरांत शौर्य चक्र पाने वाले हिमाचल के पहले सैनिक बने हैं। इस साल देश के 17 वीर जवानों को शौर्य चक्र विजेता का सम्मान मिला है, जिसमें हिमाचल का यह शूरवीर भी है। केंद्र और राज्य सरकार इस रणबांकुरे के आश्रितों को दस-दस लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करेंगी। इसके अलावा 26 जनवरी, 2011 को राष्ट्रपति उक्त वीर सैनिक की विधवा बविता को शौर्य चक्र प्रदान करेंगी। जिला पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड बिलासपुर के उपनिदेशक कैप्टन जेएन महाजन ने बताया कि सुरेंद्र कुमार 19 डोगरा रेजिमेंट में तैनात थे। एक साल पहले उन्हें 62 राष्ट्रीय रायफल में तीन साल के लिए जे एंड के के कुपवाड़ा में ड्यूटी पर भेजा गया था। 13 जनवरी, 2010 को सेना की पलटन को आतंकी हमले की सूचना मिली। इस पर सेना की एक टुकड़ी दुश्मन से लोहा लेने निकली, जिसमें सुरेंद्र भी शामिल थे। वीर जवानों का दुश्मनों से आमना-सामना हुआ और दोनों ओर से फायरिंग होने लगी। इसी दौरान सुरेंद्र ने तीन दुश्मनों को मौत की नींद सुला दिया, लेकिन खराब मौसम और बर्फबारी के बीच दुश्मन की एक गोली सुरेंद्र को लग गई, जिस कारण उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। उनके तीन भाई सभी सेना में सेवारत हैं। उपनिदेशक ने बताया कि इस साल देश के 17 वीर सैनिकों को शौर्य चक्र प्

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