बुद्ध की शिक्षा

बुद्ध की शिक्षा आज के परिवर्तनशील समाज के लिए बेहद जरूरी है। बुद्ध की शिक्षा मध्यमार्ग की है, जिसमें गृहस्थ कार्यों को निभाते हुए परोपकार तथा पुण्य करते रहने की सीख है। महात्मा बुद्ध का कथन है, अगर आप सत्संग में बैठे हों, जो सद्विचारों की एक काल्पनिक दुनिया है और आपका दोस्त किसी दूसरी जगह पर किसी असहाय की मदद कर रहा हो, तो वह सबसे बड़ा सत्संग है। सत्संग तब तक महज एक कोरा ज्ञान, जब तक उसका व्यावहारिक प्रयोग न हो। वास्तव में मानवता ही धर्म है और जिस कर्म में मानवता न हो वह कर्म ही व्यर्थ है।

शेर सिंह मेरूपा, सुल्तानपुर, कुल्लू 

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