बूंद-बूंद को तरसा मंदरीघाट

निजी संवाददाता, मंदरीघाट

क्षेत्र के गांव ननावां, दरागड़ी, सकरोहा, भरौल के ग्रामीण पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीण लछू राम, ज्ञान चंद, रोशन लाल, अजीत सिंह, नरेंद्र कुमार, रोशन, सोहन सिंह, मनसा राम, विद्या देवी, अंजना देवी व जमना देवी आदि ने आईपीएच के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर रोष व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब से विभाग ने पंचायत के माध्यम से अस्थायी वाटर गार्ड पानी छोड़ने के लिए रखे हैं, तब से इन गांवों में पानी की आपूर्ति में लापरवाही बरती जा रही है तथा पानी की नियमित आपूर्ति नहीं की जा रही है। इससे लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। लापरवाही के चलते ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के बारे में जब पंप हाउस में पूछा जाता है, तो वहां से जवाब मिलता है कि मोटर 15-20 घंटे चलती है। यदि कर्मचारियों से पूछा जाता है, तो उनका जवाब इसके विपरीत होता है। विभाग से पूछने पर पता चलता है कि पानी का बंटवारा पंचायत करती है। पंचायत द्वारा ही वाटर गार्ड रखे गए हैं। उधर, वार्ड मेंबर निर्मला ठाकुर ने बताया कि इस समस्या को लेकर ग्रामीण सब-डिवीजन कंदरौर के सहायक अभियंता अरविंद्र वर्मा से मिले और पानी की समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आग्रह किया गया है कि विभाग नियमित कर्मचारी की व्यवस्था करे। अन्यथा ग्रामीण आंदोलन की राह अपनाने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इसके लिए विभाग स्वयं जिम्मेदार होगा।

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