भामस छोड़ इंटक का दामन थामा

स्टाफ रिपोर्टर, बद्दी

बद्दी-नालागढ़ नेशनल हाई-वे पर स्थित फार्मा कंपनी हैल्थ बायोटेक के कामगारों ने शुक्रवार को भारतीय मजदूर संघ को अलविदा कह कर इंटक का दामन थाम लिया। भामस की यूनियन ने चोला बदलते हुए इंटक की सदस्यता ग्रहण कर ली और अपनी लड़ाई नए सिरे से लड़ने का प्रण लिया। भामस की डेढ़ साल से चल रही यूनियन के संघ को छोड़ने के पीछे पदाधिकारियों की आपसी गुटबाजी बताई जा रही है, वहीं भगवा सरकार के होते हुए उनका साथ छोड़े जाने पर उनकी फजीहत खूब हो रही है। शुक्रवार को निजी कंपनी के अधिकांश कर्मचारी सुबह नौ बजे गेट पर एकत्रित हुए और उन्होंने प्रबंधन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया, जिसके कारण उत्पादन ठप रहा। इसके बाद सौ से ज्यादा कर्मचारियों वाली भारतीय मजदूर संघ की यूनियन ने कांग्रेस से जुड़ी मजदूर यूनियन इंटक से नाता जोड़ लिया।

इंटक युवा विंग के प्रदेश उपाध्यक्ष व बीबीएन इकाई के प्रधान गुरमेल चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों मजदूरों ने कंपनी के गेट पर अपना ध्वज लहराया। ध्वज लहराने के बाद इंटक कर्मचारी यूनियन की नवनियुक्त अध्यक्ष मीनाक्षी शर्मा ने आरोप लगाया कि भारतीय मजदूर संघ के नेता उनके हितों की रक्षा करने में नाकाम रहे हैं और इसलिए उन्होंने इंटक में जाना मुनासिब समझा। मजदूरों ने भामस के प्रदेशाध्यक्ष व प्रदेश उपाध्यक्ष पर गंभीर आरोप भी जड़े और कहा कि हमने इन्हें कई बार प्रबंधकों की ज्यादती बारे बताया, लेकिन हमारी एक न सुनी गई। इंटक कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि जब भामस के नेताओं ने प्रबंधकों का साथ दिया, तो हमें यह कदम उठाना पड़ा। इंटक के प्रदेश उपाध्यक्ष गुरमेल चौधरी व जिला उपप्रधान कमल काठा ने भामस छोड़कर आए कर्मचारियों का हार पहनाकर स्वागत किया तथा उनकी मांगों को उठाने का भरोसा दिया। पुलिस ने किसी भी हिंसा को देखते हुए दवा कंपनी के गेट पर भारी पुलिस बल तैनात किया था, ताकि उद्योग चलता रहे।  इस विषय में कंपनी के एचआर मैनेजर रवि राणा ने बताया कि मजदूर किसी भी यूनियन में जाएं, हमें कोई एतराज नहीं, लेकिन उन्हें काम नहीं बंद करना चाहिए, क्योंकि इससे कंपनी को करोड़ों का नुकसान होता है। उन्होंने बताया कि मजदूरों की हड़ताल असंवैधानिक है, क्योंकि इन्होंने जून में लेबर आफिसर के कार्यालय में बीएमसी तथा कर्मचारी यूनियन के नेताओं के मध्य एक समझौता साइन किया था, जिसमें एक साल तक कोई भी मांग न रखने की बात कही थी।श्री राणा ने कहा कि एक कर्मचारी मीनाक्षी को हमने चंडीगढ़ कार्यालय में स्थानांतरित किया है, लेकिन उसने आज तक ड्यूटी ज्वाइन नहीं की और वह गेट पर प्रदर्शन करके माहौल को बिगाड़ रही है।

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