भारत की दुर्दशा, श्रीलंका फाइनल में

दांबुला। तेज गेंदबाज तषारा परेरा (28/5) की कैरियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी और अंपायरों के चार गलत फैसलों के आगे टीम इंडिया का प्रदर्शन काफी लचर रहा और उसे मेजबान के हाथों आठ विकेट से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। गेंदबाजों के कहर के सामने पूरी टीम इंडिया 33.4 ओवर में मात्र 103 रन बनाकर आउट हो गई। भारत के लिए युवराज सिंह ने सबसे ज्यादा 38 रन बनाए। भारत के लचर प्रदर्शन के लिए खराब अंपायरिंग भी जिम्मेदार रही। वीरेंद्र सहवाग, दिनेश कार्तिक, सुरेश रैना और युवराज अंपायर के गलत फैसले का शिकार बने। जवाब में श्रीलंका ने दो विकेट खोकर मात्र 15.1 ओवर में लक्ष्य हासिल कर फाइनल में प्रवेश कर लिया। दिलशान तिलकरत्ने 35 रन और माहेला जयवर्धने ने 33 रन बनाए। गेंद के हिसाब से भारत की यह वनडे में अब तक की सबसे बड़ी हार है। मेजबान टीम इस जीत के साथ कुल 11 अंक के साथ फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बनी। भारत को अब फाइनल में पहुंचने के लिए 25 अगस्त को होने वाले मैच में हर हाल में न्यूजीलैंड को शिकस्त देनी होगी। यह मैच नाकआउट की तरह होगा और इसके विजेता को फाइनल में खेलने का मौका मिलेगा। न्यूजीलैंड हालांकि इस मैच के रद्द होने की दशा में खिताबी मुकाबले में उतरने का हक पा लेगा, क्योंकि उसके अभी सात अंक हैं जो भारत से दो अधिक हैं। भारत के खिलाफ नो बाल विवाद के बाद श्रीलंका की टीम काफी आक्रामक दिखी और टीम इंडिया के कप्तान एमएस धोनी का सीरीज में पहली बार टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला पूरी तरह से गलत साबित हुआ। बल्लेबाजों के पास श्रीलंकाई आक्रमण का कोई जवाब नहीं था और उन्होंने लगातार विकेट गंवाए। भारत की ओर से सबसे ज्यादा 38 रन युवराज सिंह ने बनाए, जबकि  इसके बाद टॉप स्कोरर वीरेंद्र सहवाग रहे, जिन्होंने 12 गेंदों में 12 रन बनाए। भारत के सात बल्लेबाजों दहाई की संख्या भी पार नहीं कर पाए।

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