भोरंज में सरेआम लगाई बिजली लाइन से कुंडी

रिपुदमन, भोरंज

बात अगर भोरंज क्षेत्र के एक आम आदमी की होती, तो विद्युत विभाग के कर्मचारी फट से जाकर उस आदमी पर बिजली चोरी का मामला दर्ज कर लेते, लेकिन यहां बात भोरंज उपमंडल के पुलिस थाने के साथ रिहायश के लिए बिजली चोरी की हो रही है।

शायद विभाग ने यहां बिजली चोरी की छूट दे रखी है। हैरत की बात है कि भोरंज सब-स्टेशन से थाना भोरंज की दूरी मात्र 200 मीटर है और विद्युत विभाग के कर्मचारी यहां से होकर गुजरते भी हैं, लेकिन कभी क्या उनकी नजर कुंडी पर नहीं पड़ी या फिर विभाग अनदेखी
करता रहा।

भोरंज थाना का पूरा स्टाफ इस बात को भली-भांति जानता है कि लाइन से कुंडी लगाकर बिजली चोरी की जा रही है, लेकिन आज तक न विद्युत विभाग ने यहां छापामारी की है और न ही किसी अधिकारी ने अपने निवास तक मीटर लगवाकर बिजली कनेक्शन लगवाने की जहमत उठाई है। काबिलेगौर है कि पुलिस थाना भोरंज से निवास भवन की दूरी मात्र 15 मीटर है, लेकिन अधिकारी के निवास  भवन में अपना बिजली मीटर ही नहीं है।

उल्टा थाना भोरंज के भवन की मेन लाइन से यहां तक बिजली की तार से कुंडी लगाकर जहां चोरी-छिपे विभाग को बिजली बिल में चपत लगाई जा रही है, वहीं विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली कटघरे में आ गई है। वहीं हैरत की बात है कि पिछले तीन वर्षों तक जितने भी अधिकारी यहां रहकर गए, सभी चोरी की बिजली से ही काम चलाते रहे, लेकिन निवास में किसी ने भी मीटर लगवाना जरूरी नहीं समझा। इस संदर्भ में विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता रणजीत नेगी का कहना है कि बिजली मीटर के लिए सिक्योरिटी जमा न हो पाने के कारण मीटर नहीं लग पाया है।

बिजली चोरी का मामला ध्यान में नहीं है। यदि ऐसा है, तो शीघ्र विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। इस संदर्भ में एसएचओ भोरंज देसराज चंदेल का कहना है कि सिक्योरिटी ज्यादा होने की वजह से मीटर नहीं लग पाया होगा।

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