मंडी के 200 भवन संकट में

नरेंद्र शर्मा, मंडी

विभागीय उपेक्षा के चलते शहर के टारना मोहल्ले में विभाग ने एक प्रभावशाली व्यक्ति को सड़क से जोड़ने के लिए लगभग 200 घरों को दांव पर लगा दिया है। हैरानी यह है कि सड़क निकालने वाली एजेंसी ने न तो नगर नियोजन विभाग से और न ही वन विभाग से एनओसी लेना उचित समझा। यह सड़क बिना इजाजत ही निकाली जा रही है। जिस कारण सड़क से भारी भू-स्खलन हो रहा है, जिससे 200 घरों को कभी भी नुकसान पहुंच सकता है। बताया जा रहा है कि कुछ परिवारों को तिरपाल लगाकर रातें काटनी पड़ रही हैं। यह घर टारना से लेकर स्कूल बाजार तक हैं, जिन पर खतरा मंडराया हुआ है। ग्रामीणों ने आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। दो दर्जन परिवारों ने आरोप जडे़ कि सड़क के निर्माण के चलते टारना की ऊंचाई पर स्थित नागार्जुन चट्टान कभी भी खिसक सकती है और किसी बडे़ हादसे को जन्म दे सकती है। इसी के चलते मोहल्ले के लोगों की नींद हराम हो गई है। कभी भी यहां शुरू हुआ भू-स्खलन बडे़ हादसे का कारण बन सकता है। जिला प्रशासन और पुलिस प्रमुख तक मौके का मुआयना कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि हिमुडा की ओर से टारना पहाड़ी पर बनाई जा रही सड़क निर्माण को तुरंत रोका जाए और नागार्जुन चट्टान के पास बने नाले को रोकने के लिए चट्टान के इर्द-गिर्द दीवार लगाई जाए। आंदोलित हुए लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि हिमुडा ने यहां सड़क का निर्माण करने के लिए वन विभाग से अनुमति ली है अथवा नहीं। अगर नहीं ली है, तो फिर सड़क का निर्माण कैसे हो रहा है और अगर परमिशन ली है, तो फिर संवेदनशील जोन को देखते हुए वन विभाग ने परमिशन कैसे दे दी इस बात जांच करवाई जाए। उन्होंने वन विभाग से टारना हिल्स पर हो रहे भूस्खलन को रोकने के लिए इस क्षेत्र में पौधारोपण किया जाए। टारना के निवासियों ने जिला आपदा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, एसडीएम सदर, वन अरण्यपाल मंडी, पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर, मंडी नगर परिषद के अध्यक्ष और जिला पुलिस प्रमुख से इस बारे में जांच करवाने और उन्हें तुरंत राहत प्रदान करने की मांग की है। गौरतलब है कि निर्माण के दृष्टिगत टारना हिल्स बेहद संवेदनशील है और पहले भी यहां भू-स्खलन के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में व्यक्ति विशेष के घर के लिए निकाली जा रही सड़क सुविधा से सरकारी विभागों और एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर अंगुलियां उठ रही हैं। वहीं एसडीओ हिमुडा जगत राम ने कहा कि सड़क लोगों के फायदे के लिए बनाई जा रही है, परिषद की स्वीकृति ली गई है। उधर, नगर परिषद अध्यक्ष हेमंत राज वैद्य का कहना है कि घरों का बचाव किया जा रहा है। योजना को कार्यान्वयन किया जा रहा है।

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