महंगे दाम पर खरीदने पड़ रहे सेब कार्टन

ठियोग। जिला परिषद सदस्य व किसान सभा ठियोग के पदाधिकारी सोहन ठाकुर ने कहा है कि तीन करोड़ कार्टन की क्षमता रखने वाली गुम्मा कार्टन फैक्टरी को बंद किए जाने से कार्टन तैयार करने वाली निजी कंपनियों ने मनमानी करनी शुरू कर दी है। उच्च गुणवत्ता वाली जो टे्र कार्टन सेब के लिए तैयार किया जाता था, उसकी जगह पर अंडों की ज्यादा ट्रे व कार्टन तैयार किया जा रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है, जिससे कंपनी कार्टन के मनमाने दाम वसूल सके। रविवार को ठियोग विश्राम गृह में पत्रकारों से बात करते हुए सोहन ठाकुर ने यह आरोप प्रदेश सरकार पर लगाया है। इस दौरान उनके साथ देवरीघाट पंचायत के प्रधान बालकृष्ण बाली, किसान सभा के संदीप सोनू, धार कंंदरू पंचायत के प्रधान विद्यासागर सहित कई अन्य अधिकारी शामिल थे। श्री ठाकुर ने कहा है कि बागबानों को महंगे दामों पर सेब के लिए कार्टन व ट्रे खरीदनी पड़ रही हैं। इसके लिए प्रदेश की भाजपा सरकार व बागबानी मंत्री जिम्मेदार हैं। उन्होंनेे आरोप लगाया कि गुम्मा कार्टन फैक्टरी को बंद किए जाने से मुसीबत खड़ी हुई है। उन्होंने कहा है कि ऊपरी शिमला में ग्रामीण क्षेत्रों से सभी संपर्क मार्ग बंद पड़े हैं, लेकिन सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। उन्होंनेे कहा कि 15 जुलाई से जो सेब समीकरण केंद्र खोलने की बागबानी मंत्री ने बात कही थी, उसे भी अभी तक पूरा नहीं किया गया है। इस अवसर पर बालकृष्ण बाली, संदीप सोनू व विद्यासागर ने कहा कि सड़कों की हालत सही न होेने की वजह से किसानों की सब्जियां खेतों में सड़ रही हैं। दूसरी ओर समय पर ट्रांसपोर्टेशन में सेब के लिए गाडि़यां नहीं मिल रहीं, वहीं गाड़ी मालिकों पर प्रशासन का कोई प्रतिबंध नहीं है, वे मनमर्जी से बागबानों से दाम वसूल रहे हैं। जिला परिषद सदस्य सोहन ठाकुर तथा उनके साथियों ने प्रदेश सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। इस समयावधि के भीतर व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो इसके लिए आंदोलन किया जाएगा।

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