मुझसे नहीं अपने कर्मों से खौफजदा हैं वीरभद्र

दिहि ः अढ़ाई साल के कार्यकाल के सबसे सुखद क्षण सरकार के लिए कौन से रहे? 

 धूमल ः हर पल जनता की सेवा में समर्पित रहा। योजनाओं के कार्यान्वयन के बाद लोगों के चेहरे पर खुशी से सुकून मिला। चाहे वे किसान बागबान हैं या फिर दैनिकभोगी कर्मी।

 दिहि ः ऐसा काम जो आप चाहकर भी नहीं कर पा रहे हैं?  

 धूमल ः पार्टी घोषणापत्र के तहत किए गए वादे पूरे किए गए हैं। इस बात का सवाल ही नहीं कि कोई काम चाह कर भी पहीं कर पा रहे हैं। घोषणापत्र को सरकार ने नीतिगत दस्तावेज के तौर पर लागू किया है। इसकी समीक्षा भी की जा रही है।

 दिहि ः प्रदेश में एक साथ कई निजी विश्वविद्यालयों का जन्म हुआ, लेकिन कई चर्चित और बड़े संस्थान हिमाचल में नहीं आए, न कोई विख्यात विश्वविद्यालय खुल पाया, क्या कारण हैं? 

धूमल ः ऐसा नहीं कहा जा सकता। प्रदेश में कई नामी विश्वविद्यालय खोले जा चुके हैं। केंद्रीय विश्वविद्यालय, आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की बात हो या फिर निजी क्षेत्र में चितकारा, जेपी व रायत बहारा सहित अन्य प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय प्रदेश में पहुंच रहे हैं।

दिहि ः प्रदेश सरकार ने कुछ बड़े लोगों जैसे रामदेव को जमीन लीज पर देने में उदारता दिखाई है, लेकिन होटल उद्योग, नामी स्कूल, बड़े औद्योगिक घरानों या बेरोजगारों के प्रति कोई सोच नहीं उभरकर सामने आई क्या बात है? 

 धूमल ः कई नामी होटल श्रृंखलाओं ने प्रदेश में पांच सितारा होटल खोलने की पेशकश की है। सरकार इस बारे में गंभीरता से विचार कर रही है।

दिहि ः कांग्रेस का आरोप है कि धूमल सरकार अब तक उनकी ही कमाई खा रही है, मसलन जो भी संस्थान नए खुले हैं वह उसकी ही देन हैं, आप क्या कहते हैं? 

धूमल ः कांग्रेस को झूठ बोलने का मेडल मिलना चाहिए। खुद तो पूर्व कांग्रेस सरकार ने पांच साल में कुछ किया नहीं। बिना बजट प्रावधान की घोषणाएं जरूर की गईं। जगह-जगह शिक्षण व स्वास्थ्य संस्थानों के फट्टे लगाए गए। मगर यथार्थ में कुछ किया नहीं। अब जब मौजूदा सरकार कर रही है तो उन्हें जन अदालत में जग हंसाई से बचने के लिए झूठे दावे ठोकने पड़ रहे हैं। प्रदेश की जनता वस्तु स्थिति से वाकिफ है।

दिहि ः वीरभद्र सिंह आप पर राजनीतिक प्रताड़ना के आरोप बार-बार जड़ते रहते हैं, ऐसा क्यों? 

धूमल ः जो कर्म उन्होंने किए हैं, उन्हीं के नतीजों को लेकर वह चिंतित हैं। हम कुछ नहीं कर रहे। वह खुद खौफजदा हैं, जो पाक साफ होता है, वह डरता नहीं है। जिसके बुरे कर्म हों, उसे लगातार चिंता सताती है। सत्ता में रहते हुए वीरभद्र सिंह ने जो किया है, उसे लेकर वह अब चिंतित क्यों हैं। इसका दोषारोपण हम पर नहीं किया जाना चाहिए।

दिहि ः वीरभद्र सिंह सांसद अनुराग ठाकुर को सुपर सीएमपुकार रहे हैं आप कहां तक सहमत हैं और वह ऐसा किस आधार पर बोल रहे हैं?  

धूमल ः इसका आधार तो वीरभद्र सिंह ही बता सकते हैं। जिन्हें लगातार अपनी पत्नी की राजनीतिक आकांक्षाएं पूरी करने की चिंता सताए जा रही है।

दिहि ः पीटीए पर आपका स्टैंड क्यों ढुलमुल हो गया, आज इसी कारण बेरोजगार आपसे खफा हैं। अब क्या करेंगे? 

धूमल ः हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि नियमित अध्यापकों की नियुक्ति की राह में पीटीए रोड़ा नहीं बनेगा। इनका प्रावधान स्कूल प्रबंधन समितियां ही करेंगी।

दिहि ः औद्योगिक पैकेज आप से छिन गया, कोई कुछ नहीं कर पाया, क्यों पैकेज वापस लेने में आपकी सरकार नाकाम रही?  

धूमल ः औद्योगिक पैकेज में कटौती केंद्र सरकार के भेदभावपूर्ण रवैये के कारण हुई है। पूर्वोत्तर राज्यों के लिए अलग स्टैंड है, भाजपा शासित राज्यों के लिए अलग। यह मुद्दा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ प्रधानमंत्री से उठाया जा चुका है। हम स्पष्ट कह चुके हैं कि हिमाचल को उसके बलिदानों का यह सिला नहीं मिलना चाहिए। शांत पहाड़ी राज्य होने का मतलब यह नहीं कि उसके साथ भेदभाव किया जाता रहे। 

दिहि ः लघु विद्युत प्रोजेक्टों के आबंटन पर बार-बार अड़चने आ रही हैं आरोप भी लग रहे हैं, प्रदेश के निवेशकों को न्याय नहीं मिल रहा है, न्याय की कब तक उम्मीद रखें? 

धूमल ः आरोप स्वार्थ निहित हैं। आबंटित 273 में से 256 प्रोजेक्ट हिमाचलियों को दिए गए हैं। अन्याय तो पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान हुआ था, जब ऐसे प्रोजेक्ट हैदराबाद व अन्य बाहरी प्रदेशों की चहेती कंपनियों को आबंटित किए गए थे।

दिहि ः पर्यटन में भी सरकार वह सब कुछ नहीं कर पाई, जिसकी अपेक्षाएं थीं, हेली टैक्सी या रोपवे आज भी हवा में ही हैं, न स्की विलेज बन पाया न कोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, क्या कारण है और भविष्य के लिए क्या सोचा है? 

धूमल ः हेली टैक्सी योजना को जल्द सिरे चढ़ाया जा रहा है। रोपवे प्रोजेक्टों को भी गति दी जा रही है। हर घर कुछ कहता है, केे बाद हर गांव की कहानी से हिमाचल में देशी व विदेशी पर्यटक आकर्षित होंगे। होम स्टे योजना के भी अच्छे नतीजे सामने आए हैं। ईको टूरिज्म को भी और बढ़ावा देने की योजना है।  निजी निवेशकों के लिए और अच्छा माहौल तैयार किया जा रहा है।

दिहि ः पड़ोसी राज्यों उत्तराखंड व जम्मू-कश्मीर के मुकाबले प्रदेश पर्यटन अधोसंरचना विकसित नहीं हो पाई, न ही सरकार का कोई ध्यान अब इस ओर है क्यों? 

धूमल ः सुधार की हमेशा गुंजाइश रहती है। हिमाचल पर्यटन के क्षेत्र में अधोसंरचना के विकास के लिए प्रयासरत है। एडीबी का प्रोजेक्ट सिरे चढ़ते ही इस क्षेत्र में और मजबूती आएगी।

दिहि ः निजी क्षेत्र में मेडिकल कालेज आपकी योजनाओं के बावजूद नहीं आ पाए हैं। क्या भविष्य में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिपशिक्षा समेत कुछ अन्य क्षेत्रों में भी शुरू होगी? 

धूमल ः इस बारे में गंभीरता से प्रयास चल रहे हैं।

दिहि ः समूचा भारत महंगाई से परेशान है, प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी ग्रामीण हैं बावजूद इसके वैट बढ़ा क्या यह आम आदमी पर अत्याचार नहीं? 

धूमल ः हिमाचल ऐसा अंतिम राज्य है, जहां वैट की न्यूनतम एक फीसदी दर सबसे बाद में बढ़ाई गई। वैट काउंसिल आफ इंडिया की सिफारिश पर यह कदम उठाया गया है। बावजूद इसके सामान्य उपभोग की वस्तुओं को इस बढ़ोतरी से अलग रखा गया है, ताकि महंगाई की वजह से लोगों पर और मार न पड़े।

दिहि ः क्या एचआरटीसी के लिए आप आम आदमी को कुचल देंगे। क्या किराया बढ़ाने से पहले सोचते हैं कि बसों में निम्न और मध्यम वर्ग ही सफर करता है। ऐसा कब तक चलेगा, एचआरटीसी को घाटा दूर करने के और भी तो माध्यम होंगे? 

धूमल ः किराया बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार दोषी नहीं है। केंद्र सरकार ने दो बार तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की। हिमाचल ने ही नहीं अन्य राज्यों ने भी इसमें कटौती का आग्रह किया, मगर जब केंद्र नहीं माना तो किराया बढ़ाने को मजबूर होना पड़ा।

दिहि ः आपने कहा था कि मंत्रियों के कार्यों और प्रदर्शन की समीक्षा होगी, लेकिन कुछ विभागों में आज भी अफरा-तफरी है, लगता नहीं आप अपने शब्दों पर कायम हैं? 

धूमल ः हर विभाग की बराबर समीक्षा की जा रही है, जहां खामियां होती हैं, उन्हें दुरुस्त किया जाता है। जनता से जुड़े महकमों में कोई किसी तरह की दिक्कतें आड़े न आए, लिहाजा मंत्रियों को ही नहीं अफसरों को भी खास दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

दिहि ः इस सरकार की आधी पारी हो चुकी है समय रहते जनहित के लिए क्या करना चाहते हैं, ऐसी कौन सी प्राथमिकताएं हैं? 

धूमल ः सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार, कृषि व बागबानी के क्षेत्र में जो योजनाएं तैयार की गई हैं, उन्हें पूरी तरह से लागू करना प्राथमिकताएं हैं। पर्यटन व ऊर्जा के क्षेत्र में और प्रगति की जाएगी।

दिहि ः प्रदेश के प्रति आपके कुछ सपने होंगे, संकल्प होंेगे जिन्हें पूरा करने की इच्छा रखते हों?  

धूमल ः एक आत्मनिर्भर हिमाचल, जहां हर व्यक्ति भय, भूख और बेरोजगारी से विमुक्त रहे। आर्थिक संपन्नता हर परिवार को मिले, यह मौजूदा सरकार का सपना है।

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