मूसलाधार बारिश से सहमी राजधानी

शिमला। मानसून अब वरदान नहीं, लोगों के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। पिछले 24 घंटों के भीतर राजधानी शिमला तथा आसपास के क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार वर्षा ने लोगों के दिलों में डर पैदा कर दिया है। भयंकर बारिश को देख लोग इसे प्रलय मान बैठे हैं। राजधानी शिमला में देखा जाए, तो शनिवार रात से  रविवार दोपहर दो बजे तक यहां पर 79 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है। बारिश इतनी अधिक हो रही है कि इसने शहर में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है। इसकी वजह से रविवार को शिमला की सड़कें भी दिन भर सूनी दिखीं, चारों ओर बारिश का मंजर देखने को मिला। यही नहीं, बारिश के कारण शहर की मूलभूत सुविधाओं से भी लोग वंचित रहे। न तो उन्हें बिजली पानी की ही सप्लाई हो सकी और न ही बारिश के कारण लोगों को सुबह को नाश्ते के लिए दूध, ब्रैड उपलब्ध हो सके। नतीजतन बारिश लोगों पर कहर बनकर टूट रही है। बारिश से लोग इतने परेशान हो चुके हैं कि अब इसे शांत करने के लिए इंद्र देव को मना रहे हैं। काल बनकर बरस रहा मानसून जानमाल को तो नुकसान पहुंचा रहा है, साथ ही प्राकृतिक संपदा को भी क्षति पहुंचा रहा है। भू-स्खलन तथा पेड़ों का गिरना आदि कई प्राकृतिक आपदाएं शिमला में आम हो चुकी हैं। लोग जरा सी भी तेज बारिश से डरने लगे हैं, लेकिन मानसून समय-समय पर शहरवासियों को अपना रौद्र रूप दिखा रही है। तेज बारिश को लेकर लोग भगवान से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि कहीं कोई नुकसान न हो, लेकिन यहां पर नुकसान का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।  वहीं मूसलाधार वर्षा के कारण शिमला में नवबहार व 103 सुरंग के पास आदि कई स्थानों में सड़कों पर मलबा गिरने तथा पेड़ों के गिरने से यातायात प्रभावित रहा। शहर में बारिश की धार इतनी तेज थी कि कम ही वाहन सड़कों पर दौड़ते दिखे।

You might also like