मौसम की बेरुखी

जहां इस बार भारी बारिश की वजह से कई स्थानों पर तबाही के समाचार आ रहे हैं, वहीं हिमाचल प्रदेश की शीतकालीन राजधानी धर्मशाला एवं चाय नगरी पालमपुर इस कहर से बच नहीं पाईं और कई स्थानों पर पेड़ गिरने से राष्ट्रीय मार्ग भी अवरुद्ध हुआ, तो कई जगह पर डंगे व घर ध्वस्त होने से करोड़ों का नुकसान सहन करना पड़ रहा है, अगर इंद्र देवता इसी तरह से बरसते रहे, तो कुदरत की मार से इनसान तो क्या, जानवर का बच पाना भी मुश्किल सा हो जाएगा। प्रदूषण बढ़ने से प्रकृति का सौंदर्य दिन-प्रतिदिन गिरता जा रहा है, तभी तो आज सारे मौसम बेमौसम होकर दस्तक दे रहे हैं, जिसका नुकसान हर किसी को आज भुगतना पड़ रहा है।

अजय पठानिया, पालमपुर

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