रणदीव पर लगे प्रतिबंध

एजेंसियां, नई दिल्ली। भारत के पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी ने कहा कि खेल भावना के उल्ट बर्ताव करने वाले श्रीलंकाई स्पिनर सूरज रणदीव पर पांच मैच का प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। बेदी ने कहा कि रणदीव ने जानबूझ कर वीरेंद्र सहवाग को नो बाल फेंककर शतक से महरूम किया। उन्होंने कहा कि रणदीव ने खेल भावना के विपरीत आचरण किया। यह जानबूझ किया गया था। उस पर पांच मैचों का प्रतिबंध लगना चाहिए। बेदी ने यह भी कहा कि मौजूदा क्रिकेटरों में पुराने जमाने के क्रिकेटरों की तरह खेल भावना नहीं है। उन्होंने कहा कि खेल भावना का पतन हुआ है। हमारे जमाने में यह काफी अहम थी। गौरतलब है कि श्रीलंका के खिलाफ त्रिकोणीय शृंखला के खिलाफ सोमवार को खेले गए मुकाबले में मैन ऑफ दि मैच सहवाग भारतीय पारी की आखिरी गेंद के नो बाल होने से 99 पर अविजित रह गए और अपने 13वें वनडे शतक से चूक गए थे। जब वह अपने 13वें शतक की दहलीज पर खड़े थे, तो रणदीव पारी का 35वां ओवर फेंक रहे थे।

रणदीव की पहली गेंद सहवाग और विकेटकीपर को छकाते हुए चार बाई रन के लिए निकल गई। तब भारत श्रीलंका के 170 रन के स्कोर की बराबरी पर पहुंच चुका था। भारत को जीत और सहवाग को शतक पूरा करने के लिए सिर्फ एक रन चाहिए था। वीरू अगली दो गेंदों पर सिंगल नहीं ले सके। चौथी गेंद पर सहवाग ने आगे बढ़ते हुए लांग आफ के ऊपर से छक्का मार दिया। उन्होंने शतक और जीत की खुशी में अपने दोनों हाथ हवा में उठा दिए, लेकिन तभी अंपायर ने नो बाल का इशारा कर दिया। सहवाग का छक्का बेकार गया और वह 99 पर ही ठिठक कर रह गए। नो बाल के कारण पहले भारत को पहले एक रन मिला और वह जीत गया। इसी नो बाल के कारण रणदीव एकदम से करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की आंखों की किरकिरी बन गए और उनकी चौतरफा आलोचना शुरू हो गई।

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