रामपुर में उफनते नदी-नालों ने रोका परियोजनाओं का काम

रामपुर बुशहर। उफनते नदी-नालों ने जलविद्युत परियोजनाओं पर संकट खड़ा कर दिया है, जहां एशिया की सबसे बड़ी भूमिगत जलविद्युत परियोजना नाथपा झाकड़ी में पिछले पांच दिन से बिजली उत्पादन ठप पड़ा है। वहीं गानवी खड्ड में जल स्तर बढ़ने से यहां निर्माणाधीन गानवी चरण-दो पर प्रभाव पड़ा है।

इतना ही नहीं, यहां के 56 घर खतरे की जद में आ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गानवी खड्ड में बाढ़ आने से परियोजना का सारा मक बह गया। जिस कारण खड्ड की ऊंचाई बढ़ गई है। ऐसे में खड्ड का पानी अब गांव के किनारों को छू रहा है। मंगत राम द्रोहा, नंद लाल, गोपालकृष्ण का कहना है कि अगर अब पानी बढ़ा तो गानवी गांव के 56 परिवारों पर संकट छा जाएगा।

दौलत राम और ढिक्कम सिंह का कहना है कि अभी स्थिति यह है कि ग्रामीण दूसरों के घर में पनाह लिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गानवी खड्ड ने स्कूल के रास्ते को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिस कारण स्कूली बच्चे जोखिम उठाकर स्कूल जा रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि गानवी खड्ड के किनारे के्रटवाल जल्द लगाई जाए। ग्रामीणों ने परियोजना प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि निर्माणाधीन परियोजना की सारी मिट्टी को खड्ड के किनारे डाल दिया गया, जिस कारण अब दिक्कतें खड़ी कर रहा है। सोमवार को गानवी प्रोजेक्ट सिल्ट बढ़ने के कारण बंद करना पड़ा, लेकिन मंगलवार सुबह 11 बजे से प्रोजेक्ट शुरू कर दिया गया। यह जानकारी सहायक अभियंता वरुण शर्मा ने दी। दूसरी तरफ नाथपा झाकड़ी परियोजना में सिल्ट 8000 पीसीएम के करीब है। वहीं जल स्तर 1400 से 1500 क्यूसिक तक है। सिल्ट के लगातार आठ हजार तक बने रहने से प्रोजेक्ट प्रबंधन खासे परेशान हैं।

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