राष्ट्रमंडल खेलों में होंगे 1500 डोपिंग टेस्ट

एजेंसियां, नई दिल्ली। राजधानी में होने वाले 19वें राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति और राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने इन खेलों के दौरान खिलाडि़यों द्वारा प्रतिबंधित दवाओं का सेवन नहीं होने देने के लिए ठोस इंतजाम किए हैं। सीजीएफ ने खेलों के दौरान 1500 डोपिंग रोधी जांच की योजना स्वीकृत की है, जो राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में सबसे बड़ी योजना है। इसमें खिलाडि़यों के रक्त, श्वास और मूत्र के नमूनों की जांच शामिल होगी। आयोजन समिति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से युक्त डोपिंग जांच केंद्र दिल्ली में स्थापित किए हैं। इन खेलों के दौरान डोपिंग रोकने के लिए लगभग 450 अधिकारियों को विशेष तौर पर प्रशिक्षित किया गया है। इन अधिकारियों का चयन और प्रशिक्षण विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के मानकों के आधार पर की गई है। गौरतलब है कि राष्ट्रमंडल देशों के 18 बड़े एथलीट चोटों और अन्य कारणों से दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों से हट चुके हैं, जिससे इन खेलों की चमक शुरू होने से पहले ही फीकी पड़ गई है, लेकिन वास्तविक स्थिति के बारे में तीन सतंबर के बाद ही पता चल पाएगा, जो कि राष्ट्रमंडल देशों से खिलाडि़यों के नाम प्राप्त होने की आखिरी तारीख है। ऐसे में आयोजन समिति व सीजीएफ डोपिंग को लेकर किसी प्रकार की कोताही बरतने को तैयार नहीं है।

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