लाल दुर्ग भेदने को एबीवीपी-एनएसयूआई तैयार

स्टाफ रिपोर्टर, शिमला

राजधानी के कालेजों व प्रदेश विश्वविद्यालय समरहिल में लाल दुर्ग को भेदने के लिए एनएसयूआई और एबीवीपी के कार्यकर्ता चुनाव प्रचार में जान-फंूक रहे हैं। बीते वर्ष शिमला के कालेजों व प्रदेश विवि के चुनाव परिणाम को देखते हुए लाल दुर्ग को भेद पाना किसी भी संगठन के लिए आसान नहीं है। वर्ष 2009 में एसएफआई ने 24 में से 16 सीटों पर जीत दर्ज की थी। एबीवीपी को छह सीटों व एनएसयूआई को केवल दो ही सीटों पर जीत मिली थी। प्रदेश विवि व राजधानी के कालेजों में इस बार भी 24 सीटों के लिए प्रत्याशी आमने-सामने हैं। विवि समेत राजधानी के अधिकांश कालेजों में एसएफआई और विद्यार्थी परिषद में टक्कर होने की संभावना है। विवि की केंद्रीय छात्र संघ पर कई वर्षों से कब्जा जमाए बैठे लाल दुर्ग को भगवा भेदने के दावे कर रहा हैं, जबकि यहां एनएसयूआई का जनाधार न के बराबर ही हैं। एक्सीलेंस कालेज संजौली में मुख्य मुकाबला एसएफआई और एनएसयूआई के बीच लग रहा है। यहां मिलीजुली छात्र संसद भी चुनी जा सकती है! वर्ष 2009 के चुनाव में एसएफआई ने उपाध्यक्ष और सहसचिव पद पर जीत दर्ज की थी,जबकि अध्यक्ष व सचिव पद एनएसयूआई के पक्ष में गया था। राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला में बीते वर्ष एसएफआई ने क्लीन स्वीप किया था। एसएफआई कार्यकर्ता इस बार भी यहां पूरा पैनल जीतने के दावे कर रही है। आरकेएमवी में एसएफआई और एबीवीपी में टक्कर होने के आसार हैं। सांध्यकालीन कालेज में भी एसएफआई ने वर्ष 2009 में क्लीन स्वीप किया था। इस बार यहां एसएफआई के लिए एबीवीपी टक्कर के दावे कर रही है।

कोटशेरा कालेज में एसएफआई और एबीवीपी में मुकाबला होने के आसार हैं। बीते वर्ष यहां सचिव और उपाध्यक्ष पद एसएफआई के खाते में गया था, जबकि अध्यक्ष और सहसचिव पद पर एबीवीपी ने सेंध मारी थी। राजधानी के संस्कृत महाविद्यालय में बीते वर्ष एबीवीपी का पूरा पैनल निर्विरोध चुना गया था, जबकि इस बार एसएफआई ने भी यहां अपना पैनल उतारा है। संस्कृत कालेज में अब एसएफआई और एबीवीपी में टक्कर है। देखना यह है कि राजधानी के कालेजों व विवि में एबीवीपी राज्य सरकार का कितना फायदा उठा पाती है। फिलहाल छात्र संगठनों की सरदारी का फैसला विवि व राजधानी के कालेजों में पढ़ने वाले तकरीबन 11 हजार छात्र-छात्राएं करेंगे। एसएफआई के जिला अध्यक्ष दलीप खाची के मुताबिक संगठन राजधानी के सभी कालेजों व विवि में लाल झंडा फहराएगा। उन्होंने कहा कि एसएफआई का मुकाबला एबीवीपी-एनएसयूआई से
नहीं, बल्कि प्रदेश की भाजपा सरकार व कांग्रेस से हैं। एबीवीपी के प्रांत मंत्री नवीन शर्मा ने कहा कि राजधानी के सभी कालेजों में एबीवीपी ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी। उधर, एनएसयूआई की जिला अध्यक्ष रमा मांटा ने कहा कि संगठन इस बार सभी कालेजों में क्लीन स्वीप कर केसरियां फहराएगा।

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