लेकर रहेंगे अपने हक

कार्यालय संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश दूसरे राज्यांे से अपने हक लेकर रहेगा और इसके लिए जो कुछ भी करना होगा सरकार करेगी। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने शुरुआत से ही प्रदेश के हक हासिल करने के लिए प्रयास किया है और यह प्रयास निरंतर जारी है। यह बात मुख्यमंत्री प्रेेम कुमार धूमल ने मंगलवार को मानसून सत्र के पहले दिन सदन मंे कही। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचली हक लेने के लिए प्रदेश में रही कांग्रेस सरकार ने कभी गंभीरता नहीं बरती। भाखड़ा बांध मैनेजमेंट बोर्ड के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सही तरह से केस नहीं लड़ा गया, वहीं दिल्ली मंे आढ़तियों द्वारा वसूली गई कमीशन को भी नहीं रोका जा सका। इसके विपरीत पूर्व मंे भाजपा की सरकार ने दिल्ली की सरकार से कमीशन बंद करवाई थी, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद यह मामला फिर शुरू हो गया। कांग्रेस विधायक गंगू राम मुसाफिर द्वारा उठाए गए एक सवाल के उत्तर मंे मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार कमीशन वसूली को रोकने के लिए हाई कोर्ट गई है, लेकिन अभी भी कई शिकायतें आ रही हैं। अब राज्य सरकार पूरे सबूतों के साथ दोबारा हाई कोर्ट जाएगी। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी का मामला उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ उठाया है, क्योंकि केंद्र सरकार को एक्ट के तहत यह हक दिलाना था, लेकिन वह इसमंे असफल रही है। उन्होंने कहा कि आजादपुर मंडी मंे हिमाचली जमीन पर नाजायज कब्जा हटाने का काम उनकी पूर्व सरकार ने किया, जहां आज किसान भवन बना है। इससे पहले गंगू राम मुसाफिर और कौल सिंह ने कहा था कि बागबानांे से अभी भी छह से दस फीसदी कमीशन वसूली जा रही है।  मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने बताया कि पंजाब से आनंदपुर साहिब-नयनादेवी रोप-वे का मामला उठाया है, जिस पर उन्होंने माना है कि जल्दी ही यह तैयार कर दिया जाएगा। उन्होंने सदन को जानकारी दी कि पंजाब सरकार ने चंडीगढ़-बद्दी सड़क पर तीन पुलों का निर्माण कर दिया है जिसके बाद यातायात सुचारू हो गया है। अंतरराज्यीय मामलों को लेकर उन्होंने कहा कि आजादपुर मंडी दिल्ली मंे स्थित किसान भवन के व्यावसायिक प्रयोग का मामला विचाराधीन है, वहीं पौंग बांध विस्थापितों से संबंधित मामलों में राजस्थान सरकार से लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। यही नहीं शाह नहर सिंचाई परियोजना की शेयरिंग कॉस्ट का मामला पंजाब सरकार से हल करने के प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि यमुना बेसिन से बिजली ट्रांसमिशन के लिए 220 केवी की लाइन बनाई जानी है, जो उत्तराखंड के कुछ हिस्सों से होकर गुजरेगी। खोदरी मंे एक पावर सब-स्टेशन बनाने का मामला उत्तराखंड सरकार से उठाया गया है। इसी तरह से अंतरराज्यीय संपर्क सड़कों व पुलांे के मामले भी पंजाब सरकार से उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के माध्यम से मसले सुलझाने को प्रयास करती है। यदि अपना हक लेने के लिए दूसरे रास्ते भी अपनाने पड़े, तो इससे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने विपक्षी दल कांग्रेस से भी इन मामलों मंे सहयोग देने की बात कही। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल कांग्रेस को दिल्ली की अपनी कांग्रेस सरकार से मामला उठाना चाहिए, ताकि प्रदेश के बागबानांे को बेवजह की कमीशन न देनी पड़े। इसी तरह दूसरे हिमाचली हितों के मामलों को भी केंद्र सरकार से उठाए जिससे हिमाचल का भला होगा।

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