लोगों ने जाना सूचना का अधिकार

दिव्य हिमाचल ब्यूरो, बिलासपुर

सदर विकास खंड के तहत ग्राम पंचायत स्योहला में शुक्रवार को विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविरकी अध्यक्षता सिविल जज सीनियर डिवीजन बिलासपुर एवं अध्यक्ष उपमंडल स्तरीय विधिक सेवा समिति आरके चौधरी ने की। उन्होंने बताया कि प्रजातंत्र में देश का प्रशासन जनता के धन से चलाया जाता है। इसलिए स्वतंत्र भारत के हर एक नागरिक का उसके धन से कृत कार्रवाई को जानना उसका कानूनी अधिकार है। इसी उद्देश्य से सरकार द्वारा लागू किया गया सूचना का अधिकार इस दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होने की ओर अग्रसर है।

उन्होंने बताया कि  शिविर में पंचायत प्रतिनिधियों, महिला व युवक मंडल सहित लोगों ने कानून के विभिन्न पहलुओं की जानकारी हासिल की। श्री चौधरी ने कहा कि सूचना का अधिकार प्रशासन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए महत्त्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत प्रत्येक विभाग में लोक सूचना व सहायक सूचना अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो आवेदन करने पर निर्धारित समयावधि में वांछित सूचना उपलब्ध करवाएंगे। सूचना समय पर देने में आनाकानी करने पर दोषी अधिकारी को जुर्माना करने के साथ-साथ उसके खिलाफ अरेस्ट बारंट भी सूचना आयोग जारी कर सकता है। सिविल जज ने बताया कि प्राधिकरण के प्रावधान के तहत जिन लोगों की सालाना आय 50 हजार रुपए से कम है, वे निःशुल्क कानूनी सहायता के पात्र हैं।

शिविर में अधिवक्ता अमर सिंह ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, मोटर वाहन अधिनियम, चमन लाल ठाकुर ने पंचायत राज तथा संरक्षण व खाद्य वस्तुओं में मिलावट अधिनियम तथा नंद लाल ठाकुर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 125 के तहत पत्नी, बच्चों व माता-पिता भरण-पोषण तथा घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

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