विकास बोर्ड ने कमाए 49 लाख

दिव्य हिमाचल ब्यूरो, नाहन

उपायुक्त सिरमौर पदम सिंह चौहान की अध्यक्षता में शनिवार को श्रीरेणुकाजी विकास बोर्ड की बैठक का आयोजन किया गया। उपायुक्त ने बैठक को संबोधित करते हुए जानकारी दी कि वर्ष 2009-10 में श्रीरेणुकाजी विकास बोर्ड को लगभग 49 लाख रुपए की आय अर्जित हुई है। उन्होंने कहा कि श्रीरेणुकाजी में वर्ष 2009-10 में विभिन्न विकास कार्यों पर लगभग 45 लाख रुपए व्यय किए गए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष श्रीरेणुकाजी विकास बोर्ड की आय में काफी वृद्धि हुई है।  श्री चौहान ने बताया कि श्रीरेणुकाजी झील में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हाई कोर्ट से अनुमति लेकर इस वर्ष नौका विहार आरंभ किया गया है और इसे 3.50 लाख रुपए के ठेके पर दिया गया है। उन्होंने कहा कि श्रीरेणुकाजी में प्रवेश द्वारों का निर्माण, परशुराम ताल की मरम्मत तथा श्रीरेणुकाजी मंदिर में पेनलिंग कार्य करवाया गया है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए बोर्ड के विश्राम गृह के दो कमरों में एसी लगवाए जाएंगे और इन कमरों का एक दिन का किराया 600 रुपए से बढ़ाकर 800 रुपए तथा 500 रुपए से बढ़ाकर 700 रुपए किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि श्रीरेणुकाजी झील को बचाने के लिए इसमें से गाद निकालने पर लगभग तीन लाख रुपए व्यय किए जा चुके हैं। उन्होंने  आगामी मेला 2010 को ध्यान में रखते हुए वन्यप्राणी विभाग के सहयोग से स्नानघाट, श्रीरेणुकाजी के मंदिरों एवं अन्य स्थानों की मरम्मत तथा रंग-रोगन के कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष चंद्रमोहन ठाकुर ने कहा कि श्रीरेणुकाजी एक धार्मिक स्थल है। इसके विकास के लिए बोर्ड के सभी सदस्यों को पूरी ईमानदारी से कार्य करना चाहिए। इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी नाहन देवेंद्र कंवर की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जो लंबित पड़े बिलों की जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट अध्यक्ष श्रीरेणुकाजी विकास बोर्ड को सौंपेगी। पूर्व विधायक श्री रूप सिंह, हीरा सिंह, कार्यकारी अधिकारी दीप राम, बहादुर सिंह तोमर इस कमेटी के सदस्य होंगे। इस अवसर पर पूर्व विधायक रूप सिंह, तहसीलदार संगड़ाह केएस लालटा, कार्यकारी अधिकारी दीपराम, रेंज आफिसर शोभा राम, जिला भाषा अधिकारी गोपाल दिलेक तथा बोर्ड के सदस्यों ने भाग लिया।

You might also like