विदेशों में चंदा लेना नहीं आसान

नई दिल्ली। विदेशों से चंदा लेने को सख्त नियमों में बांधने वाला विधेयक गुरुवार को राज्यसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया।

विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि विदेशी चंदे को नियमबद्ध करने का कानून 1976 में पारित हुआ था और 34 साल के अनुभवों के आधार पर सरकार ने छोटे-छोटे संशोधन लाने के बजाय यह नया कानून लाना उचित समझा।

उन्होंने कहा कि भारत में विदेशी अंशदान का स्वागत है, लेकिन यह धन हमारे सामाजिक विमर्श पर हावी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत हैसियत के हिसाब से कुछ श्रेणी के लोग और संगठन विदेशी चंदा नहीं सकते, जिनमें मंत्री, राजनीतिक दल और राजनीतिक प्रकृति के संगठन शामिल हैं।

श्री चिदंबरम ने कहा कि जिन लोगों और संगठनों को चंदा लेने की छूट है, उन्हें इसके लिए पूर्व अनुमति लेनी होगी और तीन साल का अच्छा रिकार्ड होने पर उन्हें पांच साल के लिए पंजीकृत कर लिया जाएगा, ताकि वे उदार शर्तों का लाभ उठा सकें।

गृह मंत्री ने कहा कि इस समय 40 हजार संघों में से सिर्फ 20 हजार संघ ही विदेशों से चंदा लेने की रिपोर्ट सरकार को देते हैं और इस स्थिति को देखते हुए यह सख्त कानून लाना पड़ा है।

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