विस के बाहर तकनीकी सहायकों का धरना

शिमला। एक सप्ताह से ‘कलम छोड़ो हड़ताल’ पर बैठे पंचायत तकनीकी सहायकों ने मंगलवार को विधानसभा के बाहर करीब पांच घंटे बैठकर विरोध जताया। इससे पहले तकनीकी सहायकों ने शिमला के मुख्य बस अड्डे स्थित पंचायत भवन से विधानसभा तक मौन रैली निकाली और सरकार से नियमितीकरण की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री से बातचीत की उम्मीद लगाए बैठे तकनीकी सहायकों को तब निराशा हाथ लगी, जब मुख्यमंत्री ने उन्हें पंचायती राज मंत्री से मिलने को कहा। विधानसभा के बाहर बैठे पंचायत तकनीकी सहायकों ने एसडीएम शिमला (ग्रामीण) के माध्यम से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा और उन्हें बातचीत का मौका देने की गुहार लगाई। पंचायत तकनीकी सहायक संघ के प्रदेशाध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पंचायती राज मंत्री से तथा पंचायती राज मंत्री ने सीएम से नियमितीकरण का मसला उठाने की बात कही, जिससे प्रदेश भर से शिमला पहंुचे तकनीकी सहायकों में सरकार के प्रति जबरदस्त रोष है। उन्होंने कहा कि सरकार के नाकारात्मक रवैये के बाद पंचायत तकनीकी सहायक ब्लाक, जिला व राज्य स्तर पर अपने आंदोलन को और उग्र करेंगे। संघ ने आंदोलन को तब तक जारी रखने का ऐलान किया है, जब तक उन्हें रेगुलर नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि करीब एक हजार पंचायत तकनीकी सहायकों में अधिकांश तकनीकी सहायक आठ वर्ष से अधिक का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक रेगुलर नहीं किया गया है। यही कारण है कि तकनीकी सहायक एक सप्ताह से ‘कलम छोड़ो हड़ताल’ पर हैं।

प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि आठ साल से अधिक के सेवाकाल के बाद भी उन्हें पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा है। तकनीकी सहायक पंचायतों में जो काम करते हैं, उसका डेढ़ फीसदी हिस्सा ही उन्हें दिया जाता है, जिससे महंगाई के इस दौर में इस वर्ग के लोगों को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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