शहर प्यासा, अधिकारियों के घर फायर ब्रिगेड ने भरा पानी

नाहन। भले ही अग्निशमन विभाग की गाडि़यां आगजनी घटनाओं के दौरान समय पर न पहुंच पाती हों, लेकिन नौकरशाही को पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए विभाग की गाडि़यां शहर की सड़कों पर अवश्य ही दौड़ती हुईं नजर पाई गईं। शनिवार देर शाम समय करीब साढ़े सात बजे अग्निशमन विभाग की गाडि़यां शहर में फर्राटे से दौड़ रही थीं। हालांकि सड़कों पर चलते राहगीरों व शहरवासियों की जुबां से एक ही बात निकल रही थी कि शायद शहर में कहीं आगजनी की घटना हुई होगी, लेकिन असलियत में शहर में इन गाडि़यों के दौड़ने का और ही कारण निकला। वजह सिर्फ इतनी थी कि विभाग की इन गाडि़यों के जरिए शहर में विभिन्न विभागों के आलाधिकारियों को उनके आवास पर ही पानी की सुविधा उपलब्ध करवाना। एक ओर जहां शहर में भारी पेयजल किल्लत के चलते शहरवासियों के कंठ सूख रहे थे तथा लोगों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ था, वहीं शहरी लोगों की हैंडपंपों के किनारे लंबी-लंबी कतारें थीं, जो कि हैंडपंपों का गंदा पानी पीने को मजबूर थे। यही नहीं, कई लोगों द्वारा टैंकरों को किराए पर लेकर पानी मंगवाया जा रहा था। इतना सब कुछ होने के बावजूद विभागों के आलाधिकारी अपनी कुंभकर्णी नींद से नहीं जागे। शहर में पानी को लेकर हाहाकार मचे तो क्या, उन्हंे तो आसानी से पानी मिल ही जाएगा। शहर में फर्राटे से दौड़ती गाडि़यों के बारे में जब अग्निशमन विभाग को फोन के माध्यम से पूछा गया, तो विभाग का तर्क था कि शहर में विभिन्न विभागों के आलाधिकारियों के आवासों में पानी पहुंचाने के लिए ही शहर में गाडि़यां घूम रही थीं। यही नहीं पूरी रात भर आला अधिकारियों के आवासों पर अग्निशमन विभाग की गाड़ी से पानी देने का सिलसिला जारी था। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इन आलाधिकारियों में पुलिस प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग समेत गेस्ट हाउस में ठहरे विभागों के कई अधिकारियों को अग्निशमन टैंकरों से सप्लाई की गई।

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