शहर में फिर जल संकट

शिमला। शिमला शहर में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पानी की सप्लाई एक बार फिर प्रभावित हुई है। ऊपरी शिमला के कैचमेंट एरिया में बरसात का पानी अपने साथ भारी भरकम गाद को परियोजना में मिला चुका है, जिससे विभाग द्वारा शनिवार को निगम के जल भंडारण टैंकों में मात्र 23.77 एमएलडी पानी ही छोड़ा गया। पानी की पर्याप्त सप्लाई न होने की वजह से शनिवार और शुक्रवार को शहर में पानी का संकट गहराया रहा। पर्याप्त पानी न होने की वजह से निगम ने भी इसे आगे सप्लाई नहीं किया, जिसकी वजह से लोगों को पानी नहीं मिल पाया। शुक्रवार को शिमला में हुई मूसलाधार बारिश के कारण पानी का स्तर एकदम से 17 एमएलडीर गिरा है। यानी शहर को सप्लाई होने वाला 40 एमएलडी पानी शनिवार को 23.77 एमएलडी तक पहुंच गया । शनिवार को भी शहर में पानी की सप्लाई को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। परियोजनाओं में भारी सिल्ट की वजह से विभाग पानी को लिफ्ट नहीं कर पाया।  इस प्रकार शिमला में हो रही मूसलाधार बारिश के आगे पानी की सप्लाई को लेकर आईपीएच विभाग व नगर निगम शिमला बेबस सा हो गया है।  बताया जा रहा है कि ऊपरी शिमला में कैचमेंट एरिया नीरी खड्ड में सिल्ट भर जाने के कारण यह समस्या पेश आई है, जिसकी वजह से विभाग ने शनिवार सुबह तक गुम्मा परियोजना से 11.13 एमएलडी पानी छोड़ा, गिरि से 5.28, अश्वनी से 5.02, चुरट से 2.90 एमएलडी पानी की सप्लाई की गई है।  इस प्रकार देखा जाए, तो शहर में पानी की कमी को दूर करने के लिए बरसात विभाग व निगम के लिए अभिशापित साबित हो रही है। गर्मियों में पानी को लेकर उतनी समस्या पेश नहीं आई, जितनी कि बरसात में शिमला में पूरा भू-मंडल बरसात के कारण पानी-पानी हो चुका है, लेकिन लोगों के लिए पानी पीने को नहीं मिल रहा। उधर, अधिशाषी अभियंता आईपीएच विभाग एलआर भारद्वाज ने बताया कि शुक्रवार को हुई भारी बारिश के कारण परियोजना में गाद की मात्रा बढ़ जाने के कारण पानी सप्लाई नहीं हो पाया है।

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