सरकारी कानून ठेंगे पर

भिन्न-भिन्न मुद्दों को लेकर सरकार कानून बनाती है, जिसके लिए अलग से कानून- व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की व्यवस्था भी की जाती है। संबंधित विभागों की भी जिम्मेदारी होती है, जनता को सही मार्गदर्शन देकर उससे कानून का पालन करवाने की। कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए सजा का भी प्रावधान होता है। आइए, अब आपको जिला सिरमौर मुख्यालय नाहन ले चलते हैं। यहां हर विभाग है और प्रत्येक विभाग में कर्मचारियों के साथ विभागाध्यक्ष भी तैनात हैं, पर क्या यहां सभी सरकारी निर्देशों का पालन होता है या फिर प्रशासन द्वारा उन पर नजर रखी जाती है। कानून का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसा जाता है। उदाहरण के लिए सरकार द्वारा बालश्रम कानून के तहत कम उम्र के बच्चों से कार्य करवाने पर पाबंदी लगाई गई है, परंतु यहां काम इन्हीं नाबालिगों से करवाया जाता है। शहर के तमाम हलवाइयों, ढाबों, होटलों के अलावा आधी दिहाड़ी देकर मजदूरी तक करवाई जाती है। ऐसा नहीं कि संबंधित विभाग की जानकारी में ये सब बातें नहीं, परंतु सब देखते-जानते हुए भी इस बारे में कोई कार्रवाई नहीं की जाती। घरेलू गैस सिलेंडरों का ढाबों, होटलों, हलवाई की दुकानों तथा अन्य व्यावसायिक स्थानों पर प्रयोग करने पर प्रतिबंध तो लगा है, परंतु इनका अधिक इस्तेमाल इन्हीं प्रतिबंधित जगहों पर होता है। विभाग खामोश है। शहर के नया बाजार में प्रातः नौ से रात आठ बजे के बीच ट्रकों व अन्य सामान ढोने वाली गाडि़यों में सामान लोड करने व उतारने पर वैसे तो प्रतिबंध लगाया गया है, परंतु ये दोनों कार्य उसी दौरान होते हैं। यह तो चंद उदाहरण हैं, वैसे तो सभी निर्देश
नाममात्र हैं।

पे्रमपाल महिंद्रू, नाहन

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