सरकार से 15 दिन में मांगा जवाब

करसोग। लोकमित्र केंद्र संचालकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने पूरी सुविधाएं न मिलने पर सरकार से 15 दिन में स्थिति स्पष्ट करने का कहा है। सरकार द्वारा दूरदराज क्षेत्र के ग्रमाीण लोगों को घर द्वार सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए लोकमित्र केंद्रों को तो खोल दिया है, परंतु उन केंद्रों के माध्यम से आम लोगों को सुविधां अभी तक पूरी नहीं मिल पा रही हैं। इसके चलते स्वयं रोजगार प्राप्त करने की चाह रखने वाले लोक मित्र संचालक भी बुरी तरह परेशान हो रहे हैं। इस संबंध में लोक मित्र केंद्र संचालक संघ करसोग ने विशेष बैठक की। बैठक में सरकार को 15 दिनों की समय अवधि में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। संघ ने स्पष्ट शब्दों  में कह दिया है कि लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से जो योजना व सुविधाएं आम लोगों को घर द्वार मिलनी हैं, उनको शीघ्र ही शुरू किया जाए अन्यथा संघर्ष का बिगुल बजा दिया जाएगा। विदित रहे कि विाकस खंड करसोग की समस्त पंचायतों में लोकमित्र केंद्रों की स्थापना की गई है, जिसमें से लगभग 50 लोकमित्र केंद्र खुल चुके हैं। उन सभी ने रविवार को समस्याओं के बारे में बैठक का आयोजन पंचायत समिति हाल में किया। इसमें सरकार द्वारा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के ढुलमुल रवैये को लेकर कड़ी आलोचना की गई।  लोकमित्र केंद्र संचालक संघ करसोग के अध्यक्ष महेंद्र कुमार, महासचिव नीरज गुता, प्रेस सचिव दिनेश कुमार, विशेष सलाहकार दीपक गुप्ता ने कहा कि कई बार वर्किंग राजधानी अपडेट हुए दिखाई नहीं देते हैं, जिस कारण लोक मित्र संचालकों को कार्य निपटाने में मुश्किल हो रही है। हैरानी की बात है कि सरकार ने जिस कंपनी को लोक मित्र केंद्रों के माध्यम से जोड़ रखा है, उस कंपनी की वेबसाइट लगभग आउट आफ सर्विस ही रहती है। इसी के चलते मोबाइल रिचार्ज की जो कमीशन प्राप्त होती है, उससे ज्यादा खर्च तो इंटरनेट पर कार्य करने में ही हो जाती है। रविवार को  आयोजित विशेष बैठक में कहा गया कि लोक मित्र केंद्र खोलने के समय कंपनी ने वादा करते हुए एक लाख निवेश करने वाले ग्राम स्तरीय उद्यमियों को 15 से 25 हजार रुपए मासिक आय होने का सपना दिखाया था, परंतु हकीकत यह है कि लोकमित्र केंद्रों को चलाने वाले संचालक केंद्र का किराया, बिजली का बिल व इंटरनेट का बिल जेब से ही भरने को मजबूर हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण अभी तक लोकमित्र केंद्रों को सुविधाएं न मिलना है। बताया गया है कि लोक मित्र केंद्रों की स्थापना के बाद आम लोगों को इनसे मिलने वाली सुविधाएं तथा कार्य संबंधी जागरूकता अभियान भी प्रशासन द्वारा पूरा किया जाना था, परंतु अभी तक इस बारे में कोई भी प्रयास नहीं किए गए हैं, जिस कारण इन लोकमित्र केंद्रों का आम जनता को कोई लाभ नहीं पहंुच रहा है। सभी सुविधाओं को चलने पर व कंपनी द्वारा पूरा कार्य सुचारू रूप से चलाने पर ही लोक मित्र केंद्र संचालकों को कोई लाभ पहंुचेगा, जिस पर सरकार को तुरंत गौर करना चाहिए।

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