सिरमौर में सुधरीएनएसयूआई की हालत

रमेश पहाडि़या, नाहन

शुक्रवार को संपन्न हुए छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी व एनएसयूआई को 12-12 सीटें मिली हैं, जबकि जिला में एसएफआई का सूपड़ा साफ हो गया। छात्र संघ चुनाव में राजकीय महाविद्यालय नाहन व गुरु गोबिंद सिंह कालेज पांवटा साहिब में एबीवीपी ने भगवा परचम फहराया है। राजकीय महाविद्यालय संगड़ाह, राजगढ़ व शिलाई में एनएसयूआई ने झंडे गाढ़कर एबीवीपी को करारी शिकस्त दी है। राजकीय संस्कृत महाविद्यालय में एबीवीपी व एनएसयूआई को दो-दो सीटें मिली हैं। गत वर्ष जहां जिला के छह कालेजों में भाजपा समर्थित छात्र संगठन एबीवीपी को 14, कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन को सात तथा माकपा समर्थित छात्र संगठन एसएफआई को जिला में तीन सीटें मिली थीं। राजनीति की पनीरी कहे जाने वाले छात्र संगठन में गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष भाजपा समर्थित छात्र संगठनों की दो सीटें कम हुई हैं, जबकि एनएसयूआई ने पांच सीटें बढ़ाई हैं। कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाले गिरिपार क्षेत्र के शिलाई संगड़ाह व राजगढ़ महाविद्यालयों में जहां गत वर्ष एबीवीपी को दस सीटें मिली थी, वहां इस वर्ष भाजपा को मुंह की खानी पड़ी। गिरिपार क्षेत्र के तीनों कालेजों में शुक्रवार को संपन्न हुए छात्र संघ चुनावों में मात्र दो सीटों में ही संतोष करना पड़ा। गत वर्ष मुख्य संसदीय सचिव सुखराम के कार्यक्षेत्र पांवटा में एबीवीपी को मात्र दो सीटें मिली थीं, वहां इस वर्ष एबीवीपी ने अन्य छात्र संगठनों का सुपड़ा साफ कर विजयी परचम लहराया है, वहीं गत वर्ष नाहन महाविद्यालय व संस्कृत महाविद्यालय में जहां भाजपा समर्थित एबीवीपी को एक-एक सीट मिली थी, वहां इस वर्ष एबीवीपी ने कड़ी मशक्कत कर छह सीटों पर विजय पताका लहराई है। खास तौर से भाजपा के जिला अध्यक्ष बलदेव तोमर, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सचिव बलबीर सिंह व भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बलदेव भंडारी के गृह क्षेत्र में एबीवीपी को एनएसयूआई ने चारों खाने चित कर यह अहसास दिला दिया है कि गिरिपार क्षेत्र में कांग्रेस का वर्चस्व बरकरार है।

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