सुबाथू की कहानी; सड़कों पर गड्ढे, गड्ढों में पानी

सोलन। छावनी क्षेत्र सुबाथू की खस्ताहाल सड़कों से आम आदमी को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह पड़े गड्ढे और उनमें खड़े बरसात के पानी से हमेशा हादसे की आशंका बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि सुबाथू छावनी की करीब दो किलोमीटर सड़क का रखरखाव एमईएस द्वारा किया जाता है, लेकिन पिछले कई महीनों से इस सड़क की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है, जिससे सड़क की हालत बद से बदतर होती जा रही है। सुबाथू एक ऐसा क्षेत्र है, जहां से सोलन, धर्मपुर व अर्की की ओर सड़कें गुजरती हैं और इन पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। तीनों ओर से छावनी क्षेत्र में पहुंचते ही बड़े-बड़े गड्ढे और उनमें भरा पानी लोगों का स्वागत करता है, जिससे हर वाहन चालक सुबाथू पहुंचते ही एमईएस प्रशासन को कोसे बिना नहीं रहता।  हैरानी की बात तो यह है कि छावनी की मुख्य सड़क एमईएस के अधीन है, जबकि इन सड़कों पर तीनों ओर से वाहनों के प्रवेश शुल्क वसूली के बैरियर छावनी प्रशासन द्वारा स्थापित किए गए हैं। वाहन चालकों से वसूले जाने वाले लाखों रुपए का धन इस मार्ग के रख रखाव पर खर्च न होकर छावनी के अन्य कार्यों पर खर्च हो रहा है। इससे प्रवेश शुल्क अदा करने वाले लोगों में भारी रोष है। उनका कहना है कि जब सड़कों की हालत ही खराब है, तो प्रवेश शुल्क क्यों वसूल किया जा रहा है। पिछले कई दिनों से छावनी की सीमा पर हंडूरी कोठी की सड़क पर भारी मात्रा में पानी खड़ा है और कुछ ल्हासा भी खिसक कर सड़क पर पड़ा हुआ है, लेकिन एमईएस प्रशासन ने उस मलबे को उठाने और पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की। इस स्थान पर नीचे की ओर गहरी खाई होने के कारण हर वक्त हादसे का अंदेशा बना हुआ है। छावनी के इस दो किलोमीटर भाग पर बेतरतीब और बिना तकनीक के स्थापित किए गए असंख्य स्पीड ब्रेकर भी वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। इस बारे में जब सुबाथू स्थित एमईएस के सहायक दुर्ग अभियंता (एजीई) वीरेंद्र सिंह से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि भारी बरसात होने के कारण सड़क बदहाल हो गई है। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले ही सड़क की मरम्मत करवाई गई थी और अब बरसात बंद होते ही मरम्मत कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। इस कार्य के लिए टेंडर लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पानी खड़ा होने वाले स्थानों पर निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया जाएगा।

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