सोलन प्राइमरी स्कूल का डंगा धड़ाम

सोलन। रक्षाबंधन के पवित्र धागे ने मंगलवार को सैकड़ों बच्चों की जान को बचाया है। मालरोड स्थित प्राथमिक विद्यालय के साथ लगता करीब 20 फुट ऊंचा डंगा अचानक ढह गया। डंगे से गिरा मलबा और पत्थर विद्यालय की दीवार तोड़कर अंदर घुस गया। रक्षाबंधन होने के कारण सभी अध्यापिकाएं अवकाश पर थीं, जिसके कारण बच्चों को एक दिन की छुट्टी प्रदान कर दी गई थी। रक्षाबंधन होने के कारण प्राथमिक विद्यालय में बड़ा हादसा होने से टला है। जानकारी के अनुसार मालरोड स्थित प्राथमिक विद्यालय का डंगा दोपहर बाद अचानक ढह गया। करीब बीस फुट ऊंचा यह डंगा टूटने से विद्यालय का भवन भी क्षतिग्रस्त हो गया है। डंगे के बिलकुल नीचे विद्यालय का भवन है। भवन की दीवार भी डंगे के साथ लगती है। काफी ऊंचाई से गिरे मलबे और पत्थर के कारण विद्यालय की दीवार टूट गई और मलबा भवन के अंदर जा घुसा। इस घटना में भवन को काफी क्षति पहुंची है, जबकि जिस स्थान से डंगा गिरा है, उसी के साथ एक अन्य भवन भी है। यह भवन कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का है। डंगे से लगातार मलबा गिरने के कारण एक अन्य भवन को भी खतरा पैदा हो गया है। जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालय में अधिकतर महिला अध्यापिकाएं हैं। महिलाओं को रक्षाबंधन का अवकाश प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किया गया है, इसलिए कोई भी अध्यापिका मंगलवार को ड्यूटी पर नहीं आई थी। इसी वजह से विद्यालय में रक्षाबंधन के दिन बच्चों को भी अवकाश दे दिया गया था, लेकिन इस बात का शायद किसी को अनुमान भी नहीं था कि इतना बड़ा हादसा रक्षाबंधन के कारण टल जाएगा। विद्यालय भवन के जिस हिस्से में मलबा घुसा है, जहां पर प्रतिदिन छात्र बैठकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। इन दिनों बरसात का मौसम है, इसलिए जगह के अभाव के कारण एक कमरे में करीब 80 से 90 छात्रों को बैठा दिया जाता है। माना जाता है कि रक्षाबंधन का पवित्र धागा रक्षा के लिए बांधा जाता है। मंगलवार को यह पंरपरा बिलकुल सच साबित हुई है। सर्वशिक्षा अभियान के जिला परियोजना अधिकारी राजेंद्र ठाकुर का कहना है कि स्थिति का जायजा लिया जाएगा और डंगे से हुए नुकसान की रिपोर्ट जल्दी मुख्यालय को भेजी जाएगी।

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