स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट का विरोध

चंबा। इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश वर्किंग कमेटी की बैठक रविवार को मिलन पैलेस चंबा में हुई। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय मजदूर कांगे्रेस हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष बावा हरदीप सिंह ने की। बैठक में सभी जिलों के अध्यक्ष, महामंत्री व कार्यकारिणी सदस्यों के अलावा इंटक के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, प्रदेश महामंत्री सीता राम सैणी, प्रदेश महिला इंटक की अध्यक्ष बीना शर्मा, यूथ इंटक के राज्य अध्यक्ष यशपाल ठाकुर सहित लगभग 400 डेलीगेट उपस्थित थे। बैठक के आरंभ में एक शोकसभा का आयोजन करके दिवंगत नेता ज्योति बसु, तारा सिंह वियोगी, एमएन दौरेजन, एमके अखौरी, चाला राजन, नेय्यान तीनकारा, रामा चंदेरण नायर, हैती में भूकंप में मारे लोगों और लेह में बादल फटने से मरे लोगों और देश के अन्य भागों में बाढ़ में मरे लोगों को श्रद्धांजलि दी गई और शोक संतप्त परिवारों को संवेदना संदेश दिया।  बैठक में बताया गया कि सात सितंबर को आजादी के बाद पहली बार मजदूरों की मांगों को लेकर सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनें व स्वतंत्रता फेडरेशन देशव्यापी हड़ताल कर रही हैं। बैठक में मूल्य वृद्धि पर चिंता व्यक्त की गई और विस्तृत तौर पर पीडीएस सिस्टम के विस्तार पर जोर दिया गया। बैठक में औद्योगिक कानून को सख्ती से लागू करने, कर्मचारियों के हितों व नौकरियों की सुरक्षा की मांग भी जोरदार ढंग से उठाई गई। लाभ में जा रही पीएसयूएस यूनिटों के निजीकरण पर भी चिंता व्यक्त की गई और विरोध प्रकट किया गया। एनआर गेनाइज्ड सेक्टर वर्कर्ज स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट 2008 में बदलाव की मांग भी जोरदार ढंग से बैठक में उठाई गई। बावा हरदीप सिंह ने बताया कि इंटक ने पीएसयूएस, एनएचपीसी के चमेरा-एक, दो और तीन, बैरासियूल सेवा पार्वती परियोजना, बीबीएमएस, एसजेवीएन लिमिटेड सहित बीएसईएल, एसएआईएल, एनटीपी आदि ने बातचीज से मजदूरों के वेतन का मसला सफलतापूर्वक सुलझाया है। बैठक में कुल आठ मुद्दों पर चर्चा हुई। जिला चंबा इंटक के अध्यक्ष हितेंद्र सिंह पठानिया ने प्रदेश अध्यक्ष बावा हरदीप को जिला से जुड़ी समस्याओं का ज्ञापन सौंपा, जिसमें चंबा में पांच बड़ी, 100 से अधिक छोटी जल विद्युत परियोजना, जो निर्माणाधीन है या बन चुकी हैं, परंतु प्रदेश कर्मचारियों को परियोजना भत्ता सरकार द्वारा नहीं दिया जा रहा, जो कि जिला में कार्यरत सरकारी कर्मचारी के साथ घोर अन्याय है। जल विद्युत परियोजना में श्रम कानूनों का सरेआम  उल्लंघन, हिमाचलियों को 70 प्रतिशत रोजगार न मिलने से जनता में भारी रोष है। बहरहाल इस बैठक में औद्योगिक कानून को सख्ती से लागू करने, कर्मचारियों के हितों व नौकरियों की सुरक्षा की मांग भी जोरदार ढंग से उठाई गई। इस जिला स्तरीय बैठक में चंबा जिला की समस्याओं पर भी गौर किया गया

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