स्वाइन फ्लू के खौफ से सोलन की नींद हराम

सोलन। शिमला में एक बार फिर स्वाइन फ्लू की दस्तक ने सोलन को डरा दिया है। शिमला में स्वाइन फ्लू के कारण हुई युवक की मौत के बाद सोलन स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू की वैक्सीन मंगवा ली है। साथ ही डाक्टर व स्वास्थ्य कर्मी को स्वाइन फ्लू से बचने के लिए इंजेक्शन लगा दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जिला में आठ हजार स्वाइन फ्लू की वैक्सीन मंगवा ली हैं। जिला के प्रत्येक अस्पताल में टेमी फ्लू की गोलियां भी पहुंचा दी गई हैं, वहीं जिला के मुख्य अस्पतालों में विभाग ने स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए आइसोलेशन वार्ड भी स्थापित कर दिया गया है। इस वर्ष स्वाइन फ्लू जिला में फिर से दस्तक दे सकता है। सोलन हिमाचल प्रदेश का प्रवेश द्वार माना जाता है, इसलिए यहां पर स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियों के फैलने की सबसे अधिक आशंका रहती है। शिमला में स्वाइन फ्लू के कारण हुई मौत के बाद जिला में भी स्वास्थ्य विभाग के कान खड़े हो गए हैं। गत वर्ष स्वाइन फ्लू का सबसे अधिक कहर सोलन जिला में था और यहां पर ही सबसे अधिक मौतें इस बीमारी की वजह से हुई हैं। अगस्त व सितंबर के महीने में स्वाइन फ्लू के फैलने की सबसे अधिक संभावना रहती है। स्वाइन फ्लू की बीमारी 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के तापमान में सबसे अधिक पनपती है, जबकि इसके अलावा सोलन में सबसे अधिक शिक्षण संस्थान और उद्योग हैं। ऐसे में दिल्ली,  यूपी, बिहार व पंजाब तथा हरियाणा में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। इस सबके चलते विभाग को स्वाइन फ्लू का खौफ इस कद्र सता रहा है कि प्रत्येक स्वास्थ्य कर्मी को वैक्सीनेशन दे दी गई है। टेमी फ्लू की गोलियां भी जिला के प्रत्येक मुख्य अस्पतालों में पहुंचा दी गई हैं। विभाग द्वारा इस बीमारी से निपटने के सभी इंतजाम पूरे कर दिए गए हैं। विशेष रूप से जिला के बीबीएन क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की पैनी नजर होगी, जबकि सोलन में भी कई विश्वविद्यालय व निजी कालेज हैं। इन संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे अधिकतर छात्र बाहरी राज्यों के हैं, इसलिए इस वर्ष सोलन में भी स्वाइन फ्लू के फैलने की काफी अधिक आशंका रहती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अशोक टागरा का कहना है कि स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।

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