स्वाइन फ्लू के लिए हिमाचल आसान शिकार

शिमला। हिमाचल की आर्थिकी का स्तंभ माने जाने वाले प्रदेश के प्रतिदिन एक हजार बागबानों का जीवन खतरे में है। सेब सीजन के दौरान अच्छी कमाई के लिए सेब को दिल्ली तक पहुंचाने की एवज में प्रतिदिन एक हजार से अधिक बागबान दिल्ली जा रहे हैं। स्वाइन फ्लू के खौफ से बेफिक्र बागबान दिल्ली जाते समय अपनी सुरक्षा के लिए मास्क का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। आने के बाद स्वाइन फ्लू के लक्षणों पर भी बागबान जांच नहीं करवा रहे हैं। बागबानों के लिए अभी तक प्रदेश स्वास्थ्य महकमे ने जागरूक कार्यक्रम की सूची में कोई नया विशेष कार्यक्रम नहीं जोड़ा है। अभी सेब सीजन दो महीने और चलने वाला है। मंडियों में बिना मास्क लगाए ही काम किया जाता है। स्वाइन फ्लू हिमाचल में प्रवेश करने के लिए बागबान एक मुख्य जरिया हो सकता है। प्रदेश के बागबान सेब मंडियों में ज्यादा समय व्यतीत कर रहे हैं। इन जगहों पर स्वाइन फ्लू का वायरस पनपने और तेजी से सक्रिय होने की भरपूर आशंका होती है।

नतीजा हिमाचल के सामने गुरुवार को प्रकाश में आ गया है, जब स्वाइन फ्लू पीडि़त बागबान की मौत  हो गई। प्रदेश में स्वाइन फ्लू से अब 17 मौतें हो चुकी हैं। ठंडा प्रदेश होने के नाते प्रदेश में स्वाइन फ्लू का वायरस कई गुना तेजी से बढ़ता है।

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