हस्ताक्षर तो हुए, पर मुहर लगाना भूले

सुरेश कुमार, हमीरपुर

जिला के अधिकारियों के हस्ताक्षरों के नीचे अब मुहर लगाना वरिष्ठ सहायकों द्वारा लाजिमी नहीं समझा जा रहा है। मात्र अधिकारी के ही हस्ताक्षरों को मुहर की मान्यता दी जा रही है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब जिला हमीरपुर के एक विभाग द्वारा आरटीआई की सूचना तो जारी कर दी गई, लेकिन अधिकारी के हस्ताक्षरों के नीचे मुहर नहीं लगाई। यह कारनामा सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग मंडल हमीरपुर का है। जिला हमीरपुर के साथ लगते घनाल निवासी बख्शी राम पुत्र गंगा राम ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अपने ही गांव में लगे एक निजी नल के बारे में आरटीआई के तहत सूचना लेने के लिए विभाग को एक आवेदन किया था, जिसकी सूचना उन्हें जल मंडल हमीर के आरटीआई अधिनियम 2005/10 की पत्र संख्या 6875 के तहत 11-6-2010 के तहत भेजी गई। सूचना तो सही है, लेकिन अधिकारी के हस्ताक्षरों के नीचे मुहर नहीं लगी है। रजिस्ट्री लिफाफे पर तो भारत सरकार के नाम सहित विभाग की मुहर लगी हुई है, लेकिन अंदर जो पत्र मिला है वह विभाग ने भेजा है या नहीं यह तो कहना मुनासिब नहीं, लेकिन बाहर के लिफाफे पर लगी मुहर से पता चल रहा है कि विभाग ने यह पत्र भेजा हुआ है। आवेदक तो सूचना को लेकर अपील-दलील के चक्कर में इधर-उधर घूम रहा है, लेकिन अधिकारी के हस्ताक्षरों के नीचे मुहर नहीं होने पर इसे कोई मान नहीं रहा। बहरहाल विभागीय कर्मचारियों की इस लापरवाही का शिकार आवेदक हो रहा है। मुख्यमंत्री के गृह जिला में आरटीआई के तहत दी जाने वाली निष्पक्ष सूचनाओं पर चिट्ठा तो जारी किया जा रहा है, लेकिन वह सही है इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिशाषी अभियंता एसके धीमान ने बताया कि उनके द्वारा किए गए हस्ताक्षरों के नीचे मुहर नहीं लगी है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हुआ है, तो इस पर कार्रवाई
की जाएगी।

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