40 हजार सेब पेटियां संकट में

रामपुर बुशहर। निरमंड में ट्रकों की किल्लत सताने लगी है। ट्रक न मिलने से जाओ डीम, बाड़ी पंचायतों के 40 हजार सेब पेटियों पर संकट खड़ा हो गया है। इतना ही नहीं, जो ट्रक सेब ढुलाई कर रहे हैं, उनको रेट तय मूल्य से चार गुना अधिक हो गए हैं। मजबूरन बागबानों को अधिक किराया देकर सेब मंडी तक ले जाने पड़ रहे हैं। यही हाल रामपुर के सराहन, गौरा, मशनू का है। यहां के वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिवान लक्टू का कहना है कि ट्रकों की किल्लत ने इस बार बागबानों की पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया है। ऐसे में बागबान अधिक किराया देने को विवश हैं, न  तो सरकार इस संबंध में सुध ले रही है और न ही स्थानीय प्रशासन आगे आ रहा है। यही स्थिति रही, तो सेब सड़कों के किनारे ही सड़ जाएगा। बागबानों में ट्रकों के लिए हाए-तौबा मची हुई है। छोटा बागबान छोटी गाडि़यों से सेब मंडी तक पहंुचाया जा रहा है, लेकिन जिन बागबानांे के सेब अधिक हैं, वे ट्रकों के लिए भटक रहे हैं। निरमंड में भी स्थिति ऐसी बनी हुई है। किसान सभा निरमंड इकाई के महासचिव पूर्ण ठाकुर का कहना है कि सरकार के सारे दावे खोखले साबित हो रहे हैं। अगर जल्द सरकार इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाती है, तो सारा सेब सड़क के किनारे सड़ जाएगा। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द सेब ढुलाई के लिए ट्रक भेजें जाएं और बदहाल सड़कों को जल्द सुधारा जाए, ताकि  इस बार की बंपर फसल का लाभ बागबानों को मिल सके, क्योंकि पिछले वर्ष भी खराब मौसम के चलते सेब सीजन फ्लाप रहा था।

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