जिला परिषद की बैठक में हंगामा

दिव्य हिमाचल ब्यूरो, शिमला

जिला परिषद की सोमवार को हुई बैठक हंगामापूर्ण रही। बैठक में जिला परिषद ने प्रस्तावों को निरस्त करने पर अफसरशाही को खूब कोसा। जिला परिषद सदस्य सोहन सिंह ठाकुर द्वारा तीन प्रस्तावों को निरस्त किए जाने पर बैठक में काफी हंगामा हुआ। बैठक जिला परिषद के अध्यक्ष सत्यदेव शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में निरस्त किए गए तीनों प्रस्तावों को जिला परिषद सदस्य काफी महत्त्वपूर्ण बता रहे थे। इसमें पहला प्रस्ताव जिला योजना कमेटी को पुनः बहाल करना, पंचायती राज एक्ट की धारा 163 की लिमिट 30 दिनों से हटाने तथा धारा 155 के तहत अफसरशाही द्वारा गलत जानकारी व गलत सूचना देने पर कार्रवाई किए जाने के प्रस्ताव को निरस्त किए जाने के फैसले पर काफी हंगामा हुआ।  इसके अलावा अन्य सदस्यों ने भी कई प्रस्ताव रखे। इसमें मोतीलाल देटा द्वारा सेब सीजन के दौरान सड़कों की दुर्दशा को देखते हुए वैकल्पिक मार्ग नारकंडा-बागी को दुरुस्त करना तथा ऊपरी शिमला में तीन महीने से गैस किल्लत को दूर करना जैसे प्रस्ताव पारित किए गए। चौपाल के सदस्य हरि सिंह पचनायक ने अध्यापकों की कमी को दूर करने का प्रस्ताव रखा।  बैठक में सभी सदस्य पंचायती राज संस्था के प्रति सरकार के ढुलमुल रवैये के प्रति काफी नाराज दिखे। मोतीलाल देटा ने कहा कि पांच साल के कार्यकाल में सरकार ने कभी भी पंचायती राज को गंभीरता से नहीं लिया तथा उनके द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को पांच साल गुजर जाने के बाद भी पूरा नहीं किया गया।  उन्होंने बताया कि जिला परिषद के सदस्यों को सचिवालय में बिना किसी रोक-टोक के प्रवेश करने को लेकर पांच साल पहले एक प्रस्ताव भेजा था, जिसे सरकार ने आज तक नहीं माना। उन्होंने कहा कि दूसरा प्रस्ताव जिला परिषद के लिए अलग से भवन निर्माण का भेजा था, जिसे आज तक नहीं बनाया गया। उन्होंने खेद प्रकट किया कि 12 जिला परिषदों में से राजधानी शिमला तथा जिला शिमला की जिला परिषद के पास अपना भवन नहीं है।  बैठक में कई अन्य समस्याओं पर भी चर्चा हुई, जिनमें जिला परिषद के सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पेश आ रही समस्याओें को उठाया। अध्यक्ष सत्यदेव शर्मा ने टुटू स्थित मिल्क प्लांट से गंदे पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध करने के आदेश जारी किए। लाल बसों में स्थानीय लोगों को अपना सामान लाने व ले जाने की सुविधा हेतु छत वाली बसें मुहैया करवाने की मांग भी की गई।

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