पतियों ने कार्ड से उडेलीं भावनाएं

कार्यालय संवाददाता, गगरेट

समय बदलने के साथ-साथ करवाचौथ का स्वरूप भी बदला है। सुहाग का यह पर्व हसबेंड-डे के रूप में बदल गया है। वर्षों से सहाग की रक्षा के लिए महिलाएं करवाचौथ का पर्व मना रही हैं, लेकिन समय बदलने के साथ अब इस पर्व के भी तौर-तरीके बदलते जा रहे हैं। इस पर्व पर महिलाओं को  उनके पति कार्ड भी उपहार में देने लगे हैं। भावनाओं को अर्द्धांगिनी  तक पहुंचाने के लिए कार्ड में दिल को छूने वाले अल्फाज अंकित किए गए हैं। कार्ड गैलेरी में भी इन कार्डों को खूबसूरती के साथ प्रस्तुत किया गया था।

करवाचौथ पर हसबेंड-डे कार्ड आकर्षण का केंद्र बन गया है। कई महिलाएं अब इंटरनेट के माध्यम से भी दूर बैठे पति से चैटिंग कर  रही हैं। सात समुद्र पार बैठे चांद को देखकर कई महिलाओं को व्रत का पालन करना पड़ेगा। उपमंडल अंब के ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में कई लोग रोजगार के लिए समुद्र पार बैठे हुए हैं। उनकी पत्नियां यहां बैठकर पति की लंबी उम्र के लिए चांद को देखकर व्रत को खोलेंगी। करवाचौथ मनाने को लेकर महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों की भी सोच बदल रही है। अब कई पुरुष भी महिलाओं के साथ करवाचौथ का व्रत रख रहे हैं। इस व्रत से जहां एक तरफ पति पत्नियों के लिए आकर्षक उपहार लाते हैं।

वहीं उपहार खरीदने के लिए महिलाएं भी गिफ्ट गैलेरी में पहुंची। सोने-चांदी के स्पेशल जेवर, फोटो फे्रम, लोकट की रिंग के साथ-साथ आकर्षक उपहार पसंद का स्वरूप बनते जा रहे हैं। दिल से दिल की बात पहुंचाने के लिए कई माध्यम  गिफ्ट गैलेरी में दिखे। उधर सुहाग का प्रतीक पर्व करवाचौथ मंगलवार को परंपरागत ढंग से मनाया गया। इसको लेकर बाजारों में भी भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने सुहाग की लंबी आयु की कामना की।

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