प्राइवेट स्कूलों में खुले केंद्र रद्द होंगे

दिव्य हिमाचल ब्यूरो, धर्मशाला

प्राइवेट स्कूलों में स्थापित परीक्षा केंद्रों पर खतरे के बादल मंडरा गए हैं। फर्जीबाड़े की जांच कर रही ओंकार शर्मा की उच्च स्तरीय जांच समिति  प्राइवेट स्कूलों के 55 परीक्षा केंद्रों को रद्द करने की सिफारिश कर सकती है। हाई पावर कमेटी के इस प्रस्ताव के आने से पहले ही स्कूल शिक्षा बोर्ड ने भी प्राइवेट स्कूलों के परीक्षा केंद्रों की समीक्षा करना आरंभ कर दी है। मार्च, 2011 की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान इन प्राइवेट परीक्षा केंद्रों का बंद होना करीब-करीब तय माना जा रहा है। उधर, शिक्षा बोर्ड ने जालसाजी के तहत सर्टिफिकेट हासिल करने वाले आरोपी 208 छात्रों को रेड सिग्नल जारी कर दिया है। इनके सर्टिफिकेट पहले से रद्द कर चुके शिक्षा बोर्ड ने आरोपी सभी छात्रों को अगले तीन साल तक बोर्ड परीक्षाओं से सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा इन छात्रों की रोल नंबर सूची शिक्षा बोर्ड ने इंटरनेट पर जारी कर दी  है। बोर्ड ने सभी सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों को इन छात्रों के रद्द किए गए सर्टिफिकेट की सूचना भी भेज दी है। मंगलवार को पुलिस ने फर्जीबाड़े के मास्टरमाइंड अश्वनी डोगरा और सुरेश चौधरी को आठवीं के केस में रिमांड में लिया है। न्यायिक हिरासत में भेजे गए उक्त दोनों अदालत के आदेश पर फिर रिमांड पर सदर थाना धर्मशाला पहुंच गए हैं। फर्जीबाड़े में तीन अलग-अलग केस दर्ज हुए हैं। मैट्रिक तथा जमा एक व जमा दो के मामलों में इन दोनों को गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इसके चलते पुलिस ने अब आठवीं के केस में इन्हें गिरफ्तार किया है। सोमवार को फर्जीबाड़े में गिरफ्तार पांचों छात्रों को पुलिस ने जेएमआईसी कोर्ट-वन में पेश किया। इस पर अदालत ने रविंद्र कुमार, मनोज कुमार तथा नवनीत तीनों को 28 अक्तूबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

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