अदालत के जरिए जानें पति की आय

मेरे एक रिश्तेदार की पत्नी ने अपने पति पर गुजारा भत्ता देने का मामला अदालत में दायर किया है, लेकिन दिक्कत यह है कि उसे यह मालूम नहीं है कि उसके पति की कुल आय क्या है। उसे कितना गुजारा भत्ता मिलना चाहिए। क्या यह महिला अदालत से यह मांग कर सकती हैं कि उसका पति अपनी इन्कम टैक्स रिटर्न और बैंक खाते अदालत में पेश करे, ताकि यह पता चल जाए कि उस व्यक्ति की कुल कमाई कितनी है?

सुनीता कुमारी, कांगड़ा

जी हां, आप की रिश्तेदार अदालत में अर्जी दायर कर के अदालत से यह मांग कर सकती है कि उसके पति को आदेश दिया जाए कि वह अपनी इन्कम टैक्स रिटर्न की कापियां और बैंक खातों की डिटेल अदालत में जमा करवाए, ताकि इन सभी दस्तावेजों से अदालत को यह पता चल जाएगा कि इस महिला के पति की इन्कम क्या है और फिर इसी आधार पर अदालत गुजारा भत्ते की राशि को तय कर सकती है। दिल्ली की एक अदालत ने ऐसे फैसले को सही ठहराया है।

मेरे चाचा जो कि एक सीनियर सिटीजन हैं, ने गलती से दो साल पहले बैंक में फार्म 154 दिया था। क्या गलत फार्म 154 देने पर इन्कम टैक्स में किसी प्रकार के जुर्माना लगाने का प्रावधान है?

रमेश चौहान, शिमला

अगर किसी व्यक्ति की इन्कम पर किसी भी प्रकार का इन्कम टैक्स नहीं बनता है तो फिर वह बैंक का फार्म नंबर 15एच या 15जी दे सकता है और इन फार्म की वजह से बैंक इन्कम पर टीडीएस नहीं काटेगा, लेकिन अगर किसी व्यक्ति ने फार्म 154 को गलत तरीके से बैंक को दिया है तो फिर इन्कम टैक्स की धारा 277 के तहत उस व्यक्ति पर जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही ऐसे व्यक्ति को तीन महीने से लेकर दो साल की कैद की सजा भी सुनाई जा सकती है।

मैंने दिसंबर में एक फ्लैट 20 लाख का लिया था और मैंने इस फ्लैट को पिछले महीने 25 लाख 50,000 रुपए में बेच दिया है और अब में अगला फ्लैट 26 लाख का खरीदना चाहता हूं। क्या मुझे फ्लैट बेचने या खरीदने पर किसी प्रकार का इन्कम टैक्स देनदारी बनेगी?

अरुण कुमार, बद्दी

आपने अपने फ्लैट को क्योंकि पांच महीने के अंदर ही बेच दिया है और इन्कम टैक्स कानून के अनुसार आपको पांच लाख 50 हजार रुपए का कैपिटल गेन हुआ है, जिसको कि इन्कम टैक्स में शार्ट टर्म कैपिटल गेन कहते हैं। आप द्वारा नए फ्लैट को खरीदने पर भी आपको इन्कम टैक्स एक्ट की धारा 54 का लाभ नहीं मिल पाएगा, क्योंकि यह लाभ केवल लांग टर्म कैपिटल गेन पर ही होता है। आपकी इस शार्ट टर्म कैपिटल गेन पर इन्कम टैक्स देना ही होगा।

अजय वैद्य,वरिष्ठ अभिवक्ता

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