सात दिन के अंदर जमा करवाएं टीसीएस

हमारी एक पार्टनरशिप फर्म है। इस साल पहले एक कंपनी को अपनी फर्म का कुछ काम आउटसोर्स किया है। हमने पिछले महीने इस कंपनी का ञ्जष्टस् काटा था। इस ञ्जष्टस्  (Tax Collection at Source) को बैंक में कब तक जमा करना जरूरी है।

रामस्वरूप, कुल्ल

इन्कम टैक्स की धारा- 206 और Income tax Rule 37 के अनुसार जिस भी महीने में ञ्जष्टस् काटा गया है, तो इस ञ्जष्टस् को उस महीने के खत्म होने पर (जिस महीने ञ्जष्टस् काटा गया है) अगले महीने के सात दिनों के अंदर जमा करवाना जरूरी है।

अगर ऐसा न किया जाए तो फिर आपकी फर्म को जुर्माना और penal interst भी देना होगा और आप यह भी जान लें कि  आपको जिस व्यक्ति का TCS काटा गया है, उसका ञ्जष्टस् form-27D पर बना कर देना भी होगा।

मैंने एक दुकान 1950000 रुपए की अपने बिजनेस के लिए खरीदी है, परंतु किसी कारणवश अभी इस दुकान की रजिस्टे्रशन मेरे नाम पर नहीं हो सकी है, परंतु मैंने इस दुकान को अपने बिजनेस में इस्तेमाल शुरू  कर दिया है। मैं यह पता करना चाहता हूं कि क्या मैें इस दुकान पर depriciation ले सकता हूं?

मनीष अग्रवाल, नाहन

आपको इन्कम टैक्स की धारा 32 के अनुसार इस दुकान के मूल्य पर depriciation मिल जाना चाहिए। एक ऐसे ही मामले में Income tax Tribunal ने फैसला दिया है कि अगर व्यक्ति ने दुकान का मूल्य अदा कर दिया है और दुकान का अधिकार ऐसे व्यक्ति को मिल गया है तो फिर अगर दुकान की रजिस्टे्रशन नहीं भी हुई है तो फिर इस दुकान पर वह व्यक्ति Income tax Act और  Rules के हिसाब से depriciation दावा कर सकता है। यह फैसला (2001) 77 ITD 126  पर रिपोर्टेड  है। ऐसा ही एक मामला 239 ITR 775 में भी रिपोर्टेड है। आप चाहें तो  इस फैसले का भी सहारा ले सकते हैं।

कुछ महीने पहले मेरा कुछ बिजनेस स्टॉक किसी वजह से खराब हो गया था। मैंने इस स्टॉक का इंश्योरेंस करवाया हुआ था। अब कुछ समय पहले इंश्योरेंस कंपनी ने मुझे इस स्टॉक का मुआवजा दिया है, जो कि स्टॉक के वैल्यू से ज्यादा है। क्या इस अधिक मुआवजे पर मुझे इन्कम टैक्स देना होगा?

सूरज सिंह, बिलासपुर

मेरे विचार से आप को जो मुआवजा स्टॉक के मूल्य से अधिक मिला है, उस पर आपको इन्कम टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा। यह भुगतान आपको इन्कम टैक्स की धारा- 28 के तहत करना होगा। ऐसे ही एक मामले में हाई कोर्ट ने यह फैसला दिया है कि अगर व्यक्ति को अपने स्टॉक की वैल्यू से ज्यादा मूल्य मिला है तो उसे इस पर टैक्स देना होगा। यह फैसला 245 ITRU 556 पर रिपोर्टेड है।

अजय वैद्य, वरिष्ठ अभिवक्ता

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