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एच1-बी वीजा

एच1-बी वीजाएच-1बी इमीग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट की धारा 101 (ए)(15)(एच) के अंतर्गत संयुक्त राज्य अमरीका में एक गैर-अप्रवासी वीजा है। यह अमरीकी नियोक्ताओं को विशेषतापूर्ण व्यवसायों में अस्थायी तौर पर विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। यदि एच-1बी दर्जे वाला कोई विदेशी कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है या उसे उसके प्रायोजक नियोक्ता द्वारा निलंबित कर दिया जाता है, तो कर्मचारी को या तो किसी अन्य गैर-अप्रवासी दर्जे में परिवर्तन के लिए आवेदन करना चाहिए व इसकी अनुमति प्राप्त करनी चाहिए, किसी अन्य नियोक्ता को ढूंढना चाहिए (दर्जे तथा/या वीजा के परिवर्तन के समायोजन के आवेदन के आधार पर), अथवा संयुक्त राज्य अमरीका से बाहर चले जाना चाहिए। एच1-बी वीजा कार्यक्रम में बड़े बदलाव लाने संबंधी विधेयक को दो सांसदों ने अमरीकी कांग्रेस में फिर पेश किया है। एच1-बी वीजा के जरिये भारत और अन्य देशों के कुशल पेशेवर अमरीकी में उच्च प्रौद्योगिकी वाले क्षेत्रों में नौकरी करते हैं। इन सांसदों का कहना है कि इससे कार्य वीजा के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलेगी। रिपब्लिकन डैरेल इसा तथा स्कॉट पीटर्स ने ‘प्रोटेक्ट एंड ग्रो अमरीकन जॉब्स एक्ट’ विधेयक दोबारा पेश किया है। इसमें एच1-बी वीजा के लिए पात्रता के महत्त्वपूर्ण बदलावों का प्रस्ताव है। अमरीकी संसद के निचले सदन की भारत- अमरीकी परामर्श परिषद (आईएसीसी) ने कहा है कि यदि आव्रजन विधेयक कानून का रूप ले लेता है, तो इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को सालाना 30 अरब डालर का नुकसान होगा। इससे आईटी उद्योग सबसे अधिक प्रभावित होगा। इस विधेयक में एच1-बी वीजा का न्यूनतम वेतन 1,00,000 डॉलर सालाना तथा मास्टर डिग्री की छूट को समाप्त करने का प्रस्ताव है। इन सांसदों का कहना है कि इस विधेयक से एच1-बी वीजा का दुरुपयोग रोका जा सकेगा और इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि नौकरियां दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को उपलब्ध हों। कई कंपनियों मसलन डिज्नी, सोकाल एडिसन तथा अन्य पर एच1-बी वीजा कार्यक्रम के दुरुपयोग तथा अमरीकी पेशेवरों के स्थान पर विदेशियों की नियुक्तियों का आरोप लग रहा है, जिसके बाद यह विधेयक पेश किया गया है। ज्यादातर भारतीय आईटी पेशेवर एच1बी या एल1 वीजा पर काम कर रहे हैं। एच1बी वीजा अमरीकी कंपनियों को विदेशी पेशेवरों की नियुक्ति की अनुमति देता है और एल1 एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी के अधिकारी को एक कर्मचारी का स्थानांतरण उसी कंपनी की अमरीकी शाखा या फ्रेंचाइजी में करने की अनुमति देता है। विधेयक में एच1बी और एल1 वीजाधारकों को भेजे जाने की सीमा तय की गई है। इसके तहत किसी कंपनी के अमरीका स्थित कार्यालय में कर्मचारियों की संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक संख्या में ऐसे वीजा के तहत कर्मियों को नहीं भेजा जा सकेगा। इसमें एच1बी और एल1 वीजाधारकों के संबंधियों की संख्या का अनुपात भी तय कर दिया गया है।

January 11th, 2017

 
 

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