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क्या कमाएं, क्या खाएं और क्या बचाएं

पांवटा साहिब —  औद्योगिक व एजुकेशन हब के रूप में दिनों-दिन उभर रहे पांवटा नगर में कमरे का किराया आसमान छू रहा है। पांवटा में दो कमरों का सेट किराए पर लेना आम आदमी के बजट से बाहर होता जा रहा है। यहां पर किराए में बढ़ोतरी इतनी अधिक हो गई है कि लोग अब इसे व्यवसाय के तौर पर अपनाने लगे हैं। जानकारी के मुताबिक पांवटा साहिब में कमरों के किराए में भारी बढ़ौतरी देखी गई है। वन रूम सेट का किराया यहां पर 2500 से 3000 रुपए प्रतिमाह हो चुका है और यदि आपकों टू रूम सेट लेना हो तो छह हजार रुपए से कम में शायद ही मिल पाएगा। ऐसे में दूरदराज से पैसे कमाने आने वाले मजदूरों और नौकरी पेशा लोगों की गाढ़ी कमाई का आधा भाग किराए में ही खर्च हो रहा है। ऊपर से महंगाई के कारण खान-पान की चीजें महंगी हो चली है। पांवटा साहिब में किराए पर कमरे देने का व्यवसाय बड़ी तेजी से फैल रहा है। मनमाने किराए के कारोबार के चलते अब पैसों वाले लोग रातोंरात मकान खड़े कर उसमें छोटे-छोटे कमरे बनाकर उसे किराए पर देकर व्यवसाय शुरू करने लगे हैं। कई लोगों ने तो बिना नगर प्रशासन व प्रशासन की अनुमति के चुपके से पीजी भी चलाए हुए हैं, जिनमें प्रति बैड के हिसाब से भारी-भरकम किराया वसूला जा रहा है। गौर हो कि पांवटा में काम की तलाश में दूर-दूर से लोग आते हैं और यहां पर मकान मालिकों की तानाशाही के आगे बेबस होकर मनमाना किराया देने को मजबूर हो जाते हैं। यह एक ऐसे कारोबार के रूप में उभर रहा है जिस पर किसी का नियंत्रण नहीं है। बहरहाल पांवटा में किराए के कमरों में रहने वाले लोग कमरों के किराए में ही लूट रहे हैं।  उधर, इस बारे में नगर परिषद की अध्यक्ष कृष्णा धीमान और उपाध्यक्ष नवीन शर्मा ने बताया कि नगर परिषर इस मामले पर 17 जनवरी को होने वाली बैठक में चर्चा करेगी। उन्होंने बताया कि उस दिन निर्णय लिया जाएगा कि शहर में जितने भी अवैध तौर पर पीजी चल रहे हैं, वे अपना रजिस्ट्रेशन नगर परिषद में करवा लें और टैक्स जमा करवा दें। वरना इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कमरों के बढ़ते किराए के बारे में उन्होंने कहा कि वह जेई से इस बारे में बात करेंगी कि क्या नगर परिषद इसमें कोई निर्धारित दर तय कर सकती है या नहीं।

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