मंजूर 30 बेड, लगे सिर्फ छह

नगरोटा सूरियां —  नगरोटा सूरियां स्वास्थ्य केंद्र का नाम तो सीएचसी है, लेकिन इस स्वास्थ्य केंद्र में अभी भी लोगों को सुविधाएं पीएचसी की नहीं हैं। रोजाना स्वास्थ्य केंद्र में 200 से लेकर 50 ओपीडी होती है। इस अस्पताल में 30 बेड मरीजों के लिए चाहिए, जो सरकार द्वारा मंजूर है, लेकिन अभी तक छह बिस्तर ही मरीजों के लिए हैं। वर्ष में करीब 50 हजार ओपीडी होती है। एक लाख के करीब आबादी को यह स्वास्थ्य केंद्र लोगों की सेवा के लिए हैं। 50 गांवों के ग्रामीण इस अस्पताल में अपने स्वास्थ्य की जांच करवाना आते हैं। सीएचसी के अंतर्गत दो एचपीसी मसरूर व घाड़जरोट आते हैं, जबकि 11 सब-सेंटर इस अस्पताल के अधीन हैं। 19 पंचायतों के लिए यह स्वास्थ्य केंद्र अपनी सेवाएं दे रहा है। इस अस्पताल में दो पद क्लास फोर व दो पद सफाई कर्मचारी के रिक्त पड़े हैं। अस्पताल में अभी अपना अलग कार्यालय नहीं है। स्टाफ के लिए बने भवनों पर दफ्तर बना हुआ है। अस्पताल में डाक्टरों व स्टाफ की कमी के चलते लोगों को आए परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। समाजसेवक संजय गुलेरिया ने कहा कि सरकार ने इस अस्पताल का नाम तो सीएचसी रखा है तथा अस्पताल में सुविधाएं पीएचसी की भी नहीं हैं। समाजसेवक गुलेरिया ने कहा कि हमेशा ही इस क्षेत्र से भेदभाव ही होता रहा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से कहा है कि नगरोटा सूरियां के स्वास्थ्य केंद्र को जो सीएचसी का दर्जा मिला है, वहां पूरी सुविधाएं दी जाएं।

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