Divya Himachal Logo Mar 27th, 2017

समसामयिकी

प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन

समसामयिकी14वां प्रवासी भारतीय दिवस 7-9 जनवरी, 2017 के मध्य बंगलूर में आयोजित किया गया। पुर्तगाल गणराज्य के प्रधानमंत्री डा. एंटोनियो कोस्टा भारतीय मूल के हैं और इस वर्ष के प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के मुख्य अतिथि रहे। इस बार इस सम्मेलन की थीम-‘प्रवासी भारतीय-संबंधों के नए आयाम’ था। 7 जनवरी को युवा प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन खेल मंत्री विजय गोयल और विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने किया। सूरीनाम गणराज्य के उप राष्ट्रपति मिखाइल अश्विन सत्येंद्रे अधिन युवा प्रवासी भारतीय दिवस के विशिष्ट अतिथि थे। युवा प्रवासी भारतीय दिवस के उद्घाटन सत्र में उन्होंने विदेश से आए युवा प्रतिनिधियों को संबोधित किया। युवा प्रवासी भारतीय दिवस, विदेशों में रह रहे युवाओं को उनकी जड़ों से फिर से जुड़ने के लिए आयोजित किया जाता है। विभिन्न सत्रों में गिरमिटिया समाज और संस्कृति को समझने के लिए भी मंथन हुआ। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन ब्रिटिश सरकार और अनुबंध पर काम करने के लिए भारत से मॉरीशस, फिजी, त्रिनिदाद व टोबैगो और सूरीनाम ले जाए गए भारतीयों के बीच जो करार हुआ था, उसे गिरमिट कहा जाता है। ऐसे प्रवासियों को उनके समाज से जुड़ने पर भी विचार-विमर्श हुआ। इससे अन्य देशों के साथ-साथ गिरमिटिया देशों में भारतीय कला, संस्कृति और योग जैसी विधाओं को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। प्रवासी भारतीय दिवस के मूल उद्देश्यों में अप्रवासी भारतीयों की अपने देश के प्रति सकारात्मक सोच वाली भावनाओं की अभिव्यक्ति के साथ-साथ उनसे लगीं देश की उम्मीदों को अवगत कराना प्रमुख है। भारतीय मूल के लगभग 2.5 करोड़ लोग दुनिया के 150 से अधिक देशों में रह रहे हैं। समारोह में इस साल 6000 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन के दौरान 240 से अधिक कलाकार भारतीय संस्कृति के विभिन्न आयामों को अपनी कला के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे। गौरतलब है कि वर्ष 2015 में केंद्र सरकार ने इस सम्मेलन को 2 वर्षों के अंतराल पर आयोजित किए जाने की घोषणा की थी। 9 जनवरी, 1915 को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से नस्ल विरोधी आंदोलन द्वारा ख्याति प्राप्त करने के बाद पहली बार भारत आए थे। महात्मा गांधी के भारत आगमन के दिन को यादगार बनाने के लिए भारत सरकार ने 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस घोषित किया। भारत सरकार द्वारा प्रवासी भारतीयों के साथ सामंजस्य और संवाद कैसे स्थापित किया जाए, इस विषय को लेकर एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन प्रमुख कानूनविद लक्ष्मीमल सिंघवी की अध्यक्षता में किया गया। 18 अगस्त 2000 को इस कमेटी की संस्तुति पर महात्मा गांधी के आगमन दिवस को प्रवासी भारतीय दिवस के रूप में मनाने और प्रतिवर्ष 7-9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन किया जाने लगा।

January 11th, 2017

 
 

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