himachal pradesh news, himachal pradesh top stories, himachal pradesh tourism

10 गुना घटी सौर परियोजनाओं की लागत

10 मेगावाट तक के प्रोजेक्ट का खर्च 10 डालर प्रति वाट से घटकर एक  डालर तक गिरा

NEWSनई दिल्ली— वैज्ञानिक अनुसंधानों तथा बड़े पैमाने पर सोलर पैनलों की मांग एवं उत्पादन के कारण पिछले आठ साल में सौर परियोजनाएं लगाना दस गुना सस्ता हो गया है। सौर परियोजना लगाने वाली कंपनी सनसोर्स एनर्जी के सह संस्थापक आदर्श दास ने बताया कि वर्ष 2008 में 10 मेगावाट तक की सौर परियोजना का खर्च 10 डालर प्रति वाट से घटकर एक से सवा डालर प्रति वाट रह गया है। इससे सौर प्लांटों से उत्पन्न होने वाली बिजली भी अब काफी किफायती हो गई है। कंपनियों में इस्तेमाल होने वाले डीजल सेट की बजाय छत पर लगाए जाने वाले सौर पैनल कहीं सस्ते और बेहतर विकल्प हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जिस जोर-शोर से प्रयास कर रही है, उससे इस क्षेत्र में काफी अवसर मौजूद हैं। फिलहाल स्थिति यह है कि मौके ज्यादा हैं और प्रतिस्पर्द्धी कम। उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार का ज्यादा जोर अब बड़ी सौर परियोजनाओं पर है, जिन्हें मुख्य ग्रिड से जोड़ा जा सके, लेकिन राष्ट्रीय सौर मिशन के तहत सरकार ने 40 प्रतिशत उत्पादन लक्ष्य छोटी तथा मध्यम सौर परियोजनाओं के माध्यम से पूरा करने की बात कही है। आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले श्री दास ने बताया कि उन्होंने दिसंबर 2010 में कुशाग्र नंदन के साथ मिलकर सनसोर्स एनर्जी की शुरुआत की थी। कंपनी अब तक 100 से अधिक परियोजनाएं लगा चुकी है। इनमें अधिकतर स्कूलों, सांस्कृतिक स्थलों, मॉलों की छत पर सौर पैनल लगाने की परियोजनाएं हैं। अभी मध्य प्रदेश में वह अपनी सबसे बड़ी परियोजना लगा रहे हैं, जिसकी क्षमता 50 मेगावाट की होगी। इंजीनियरिंग के बाद श्री दास ने अमरीका से सौर अभियांत्रिकी में मास्टर्स की पढ़ाई की। वहीं उनकी मुलाकात श्री नंदन से हुई। पढ़ाई पूरी करने के बाद दोनों अमरीका में ही सौर ऊर्जा क्षेत्र की दो अलग-अलग कंपनियों में काम करने लगे। एक कान्फ्रेंस के दौरान जब दोनों की मुलाकात हुई तो उन्होंने एक-दूसरे को बताया कि वे स्वदेश लौटकर अपनी कंपनी शुरू करने का मन बना रहे हैं और इस प्रकार उन्होंने अपनी कंपनी बनाई। श्री दास ने बताया कि जब उन्होंने कंपनी की शुरुआत की थी तो उस समय देश में सौर ऊर्जा परियोजना और इससे उत्पन्न होने वाली बिजली की लागत काफी ज्यादा थी। हालांकि, अब बढ़ती मांग के साथ लागत काफी कम हुई है। सरकार ने इस दिशा में विश्व बैंक के साथ भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक का एक समझौता भी कराया है, जिसके तहत इन बैंकों से सौर परियाजनाओं के लिए सस्ता ऋण मिल जाता है। इससे आने वाले समय में देश में सौर ऊर्जा क्षमता तेजी से बढ़ेगी।

You might also like
?>