Divya Himachal Logo Aug 19th, 2017

ग्रामीणों की जमीन पर लिया कर्ज, जांच

भरमौर में बजोली-होली प्रोजेक्ट का निर्माण कर रही जीएमआर कंपनी की मुसीबतें बढ़ी

newsभरमौर— गुपचुप तरीके से ग्रामीणों की भूमि पर विभिन्न बैंकों से ऋण लेने के लगे आरोपों की जांच उपमंडलीय प्रशासन ने आरंभ कर दी गई है। इस कड़ी में 13 मुहालों का राजस्व रिकार्ड उपमंडलीय प्रशासन को मिल गया है, जबकि दो मुहालों का रिकार्ड अभी तक आना बाकी है। प्रशासन भी इस बात को मान रहा है कि जो शिकायतें सामने आई हैं, उन्हें आरंभिक तौर पर सही माना जाए तो प्रोजेक्ट प्रबंधन के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है। बहरहाल बजोली-होली जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य करने वाली जीएमआर कंपनी से जुडे़ इस विवाद को लेकर प्रबंधन को शुक्रवार को उपायुक्त चंबा ने भी मुख्यालय में तलब कर लिया है। उल्लेखनीय है कि रावी नदी पर बजोली-होली जल विद्युत परियोजना का निर्माण करने वाली कंपनी जीएमआर पर गुपचुप तरीके से ग्रामीणों की भूमि पर 1405 करोड़ रुपए का ऋण लेने के आरोप लगे हैं, जिसके चलते परियोजना प्रभावित पांच पंचायतों के ग्रामीणों में भी हड़कंच मच गया है। गुरुवार को हुए इस खुलासे के बाद कंपनी प्रबंधन अपने स्तर पर पीडि़तों के साथ दो मर्तबा बैठक भी कर चुका है, लेकिन ग्रामीणों का एक ही सवाल है कि आखिर इतने समय तक उन्हें इस संबंध में सूचना क्यों नहीं दी गई। हालांकि कंपनी भी दलील दे रही है कि राजस्व विभाग की चूक के चलते यह सब हुआ है। उधर, मामले को लेकर कंपनी प्रबंधन की ओर से एडीएम भरमौर के समक्ष 13 मुहालों का रिकार्ड पेश कर दिया गया है, जबकि अभी तक दो मुहालों का रिकार्ड आना बाकी है। प्रशासन शुरुआती जांच में राजस्व व कंपनी के पास मौजूद उक्त भूमि मालिकों की पहचान करना चाह रहा है, क्योंकि सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर जब पूरे मामले का ग्रामीणों को पता ही नहीं था, तो किस नियम व कानून के तहत बिना भू-मालिक की अनुमति के बैंक से ऋण प्राप्त कर लिया गया। उधर, इस बाबत एडीएम भरमौर विनय धीमान ने खबर की पुष्टि की है। जीएमआर कंपनी के महाप्रबंधक विजय सेन का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर गुरुवार को एडीएम भरमौर के साथ बैठक हुई है और मामले पर गहनता के साथ चर्चा की गई है। कंपनी प्रबंधन मामले की जांच में सहयोग देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि परियोजना निर्माण के लिए भूमि 40 वर्षों के लिए सरकार से पट्टे पर ली है। उसी पर बैंक लोन लिया गया है। कंपनी ने वर्ष 2015 में पट्टे पर ली गई भूमि के आधार पर ऋण लेने की स्वीकृति सरकार से ली है।   युवा क्रांतिकारी मंच जिला चंबा के जिला अध्यक्ष विशाल शर्मा ने दो टूक कहा है कि  कंपनी के खिलाफ  धोखाधड़ी का मामला दर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर जल्द इस मामले में कार्रवाई नहीं की जाती है तो मंच प्रदेश उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।

April 21st, 2017

 
 

पोल

क्या मुख्यमंत्री ने सचमुच गद्दी समुदाय का अपमान किया है?

  • हां (50%, 175 Votes)
  • नहीं (42%, 147 Votes)
  • पता नहीं (7%, 25 Votes)

Total Voters: 347

Loading ... Loading ...
 
Lingual Support by India Fascinates