Divya Himachal Logo Apr 25th, 2017

जॉब के लायक नहीं 95 फीसदी इंजीनियर

सर्वेक्षण में खुलासा, आईटी-डाटा साइंस ईको सिस्टम में पिछड़े भारतीय

नई दिल्ली— आईटी और डाटा साइंस ईको सिस्टम में भारत के इंजीनियर्स टेलेंट के मामले में पिछड़ते दिख रहे हैं। एक सर्वे में सामने आया है कि देश के 95 प्रतिशत इंजीनियर सॉफ्टवेयर डिवेलपमेंट से जुड़ी नौकरियों के लिए काबिल ही नहीं हैं। रोजगार आकलन से जुड़ी कंपनी ‘ऐस्पायरिंग माइंड्स’ द्वारा किए गए अध्ययन में सामने आया कि लगभग 4.77 प्रतिशत उम्मीदवार ही प्रोग्रैम के लिए सही लॉजिक लिख सकते हैं, जो कि प्रोग्रैमिंग जॉब की न्यूनतम आवश्यकता है। आईटी संबंधित कालेजों की 500 ब्रांचों के 36000 से ज्यादा छात्रों ने ऑटोमेटा को चुना व दो तिहाई छात्र सही-सही कोड भी नहीं डाल सके। स्टडी में सामने आया कि जहां 60 प्रतिशत उम्मीदवार सही से कोड नहीं डाल पाए, वहीं 1.4 प्रतिशत ही ऐसे निकले, जिन्होंने सही कोड डालने में महारत हासिल है। ऐस्पायरिंग माइंड्स के सीटीओ व को-फाउंडर वरुण अग्रवाल कहते हैं कि प्रोग्रैमिंग स्किल की यह कमी देश के आईटी सिस्टम को खासा प्रभावित कर रही है। भारत को इसमें और तेजी से आगे बढ़ने की जरूरत है। स्टडी में कहा गया कि प्रोग्रैमिंग के एक्सपर्ट्स की कमी, उम्मीदवारों तक उनका सही ढंग से न पहुंचना रोजगार की खाई पैदा कर रहा है, वहीं प्रोग्रैमिंग के अच्छे टीचर्स और एक्सपर्ट प्रोग्रैमर्स क्षेत्र में शानदार सैलरी उठा रहे हैं। टिअर-1 और टिअर-3 के कालेजेस के बीच प्रोग्रैमिंग स्किल की गुणवत्ता में पांच गुना तक का अंतर देखने को मिलता है। 100 टॉप कालेजस के 69 प्रतिशत छात्र सही कोड डालने में सक्षम हैं, बाकी कालेजेस के छात्रों का इस मामले में आंकड़ा 31 प्रतिशत ही है।

April 21st, 2017

 
 

पोल

हिमाचल में यात्रा के लिए कौन सी बसें सुरक्षित हैं?

View Results

Loading ... Loading ...
 
Lingual Support by India Fascinates