Divya Himachal Logo Aug 24th, 2017

राज्यपाल, नेता प्रतिपक्ष, विधायकों ने उतारी बत्तियां

केंद्र के फैसले से कुछ युवा विधायक दिखे निराश, अफसरशाही ने अपनाया सुस्त रवैया

NEWSNEWSNEWSNEWSशिमला— वाहनों पर से लाल, संतरी व नीली बत्तियों  को हटाने का सख्त फैसला भले ही केंद्रीय मंत्रिमंडल का रहा हो, मगर गुरुवार को ज्यादातर नेता व विधायक इन्हें निकालकर फोटो शूट करवाते ऐसे दिखे, मानों यह फैसला उन्हीं का हो। हालांकि इसके लिए पहली मई की समयावधि निर्धारित है, मगर इससे पहले कई ऐसे नेता हैं, जिन्होंने पहल कर दिखाई है। अफसरशाही हिमाचल में अभी भी आधे-अधूरे मन से वीवीआईपी कल्चर की पहचान बनती रही इन बत्तियों को निकालने में सुस्त दिख रही है। गुरुवार को राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में अफसरों के वाहनों पर ये बत्तियां बरकरार दिखीं। सबसे पहले हिमाचल के गवर्नर आचार्य देवव्रत ने अपने सरकारी वाहन से बत्ती हटाई व बकायदा मीडिया में भी इसकी जानकारी दी, वहीं दिल्ली में मौजूद नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने भी पहल की है। हिमाचल में भाजपा के करीब सभी विधायकों ने अपनी बत्तियां उतार दी हैं। कांग्रेस में भी कई विधायकों ने यह कदम उठाया है। आम लोगों का मानना है कि मोदी सरकार का यह सराहनीय कदम है। हालांकि कई अधिकारी निराश भी दिखे। उनका कहना था कि उनकी पहचान गुम हो जाएगी। खास तौर पर ट्रैफिक जैम व समय की बचत के लिए ये बत्तियां कारगर साबित होती थीं, अब उन्हें भी दिक्कतें आएंगी।

बोर्ड-निगमों के अध्यक्ष उपाध्यक्ष भी लगे हटाने

हिमाचल में 45 से भी ज्यादा ओहदेदार बोर्ड-निगमों में तैनात किए गए हैं। इनमें अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सभी शामिल हैं। इनके लिए जब से बत्तियों का प्रावधान किया गया था, तभी से विधायकों को वे अखर रहे थे, क्योंकि हारे हुए नेताओं को उन्हीं के चुनाव क्षेत्रों में सम्मान मिल रहा था। दूर से ही रात के वक्त इनकी पहचान बन जाती थी, अब ऐसा नहीं होगा।

अब नहीं चलेगा रौब

बत्तीयुक्त वाहन ज्यादातर पुलिस जवानों व अफसरों में रौब का सबब बनते थे। टै्रफिक नियमों की उल्लंघना के बावजूद पुलिस ऐसे वर्ग पर हाथ डालने से कतराती थी। अब पुलिस उन्हें भी आम आदमी की तरह पूछताछ कर सकेगी।

जंग लड़ने वाले निराश

हिमाचल में पहली बार कुछ विधायकों ने अपने वाहनों पर बत्तियां लगाने के लिए सरकार पर खूब दबाव बनाया था। हालांकि इस जंग में उनकी जीत भी हुई, मगर अब बड़े फैसले के बाद उन्हें भी झटका लगा है।

मंडी के दो नेताओं ने छोड़ा मोह

मंडी— सरकाघाट के विधायक कर्नल इंद्र सिंह ने  गुरुवार को अपनी गाड़ी से एंबर लाइट हटा दी । विधायक ने कहा कि अब वह अपने किसी भी वाहन पर बत्ती का प्रयोग नहीं करेंगे।  इसी तरह उपाध्यक्ष हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम सुरेंद्र पाल ठाकुर ने भी लाइट को हटा दिया है। इसके अलावा कई नेता भी बत्ती उतारने की तैयारी कर रहे हैं।

April 21st, 2017

 
 

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